एय्याशी

बेचैन करता हुआ नाद

डॉ. अमल सिंह ''भिक्षुकÓÓ
हिन्दी $ग•ाल की शुद्धता और विकास
'उनसे पूछो कि $ग•ाल क्या है $ग•ाल का उन क्याÓ
चंद लफ्जों में कोई आग छुपा दी जाये।
कोमल-कोमल $ग•ालों में तूफानों के पैगाम ''हफीजÓÓ
मीठी-मीठी बातों से भी तुम तो आग लगाते हो।Ó

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