बाल कविता

खिलते फूल लहराता तिरंगा

सादर समर्पण!
परम पूज्यवर पिता श्री स्व.पंचराम कैवर्त जी (भू.पू.शि.एवं समाजसेवी) को सादर समर्पण । जिनके विचारों एवं भावो से अभिप्रेरित मैं अपना प्रथम बाल काव्य संग्रह श्खिलते फूल लहराता तिरंगा श् प्यारे बच्चों को भेंट करने में समर्थ हुआ हूँ । मेरे बालगीत किंचित भी नन्हे-मुन्हो की शिक्षा-दीक्षा में उपयोगी हुआ तो यह मेरा परम सौभाग्य होगा ।

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