शशि दुबे

बस थोड़ी देर बाद

मेरे बेटे
जब छोटे थे तुम
मेरे हाथों को रहता
बहुत सारा काम
मिल नहीं पाता था
जरा भी आराम
तुम चाहते थे मैं
हर पल रहूँ तुम्हारे साथ
और मैं कहती
आती हूँ बेटा
बस थोड़ी देर बाद

1.
तुम्हारी आखें मुझे देखते ही
विहंस उठतीं
अंग-अंग चपल हो कहता
माँ लो सीने से लगा
पर मैं तुम्हें झूले में लिटा
कहती हूँ बेटा
बस थोड़ी देर बाद

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