हिन्दी

हिन्दी अध्ययन-अध्यापन की समस्यायें

वर्तमान में दुनिया वैश्वीकरण की चकाचौंध से दमक रही है। उसी चकाचौंध में मीडिया की ताकत और सांस्कृतिक आदान-प्रदान के नाम पर एक प्रकार से हम सांस्कृतिक एवं भाषायी हमलों से घिरते जा रहे हैं। यह कहते हुए हमें संकोच नहीं होना चाहिए कि इन परिस्थितियों में हम कभी खुद को बचाते हुए रक्षात्मक मुद्रा में तो कभी उदारवादी विचारधारा को अपनाते हुए साहसिक मुद्रा में भी नजर आते हैं। सच क्या है? वस्तुस्थिति को निरपेक्ष भाव से समझना और बिना किसी लाग-लपेट के यथार्थ को स्वीकारना। यथार्थ का परिचय भी या तो अनुभवों से होता है, या जीवन अध्ययन से।

Tags: 

Subscribe to RSS - हिन्दी