October 22, 2026

रिमझिम फुहारों के बीच सजेगा ‘पावस प्रसंग’, 21 से 25 तक शास्त्रीय नृत्य-संगीत की शाम

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वर्षा ऋतु की खूबसूरती, प्रकृति के बदलते रंग और भारतीय शास्त्रीय कला की भावपूर्ण प्रस्तुतियां रायपुर में चार शामों को एक साथ देखने को मिलेंगी। संस्कृति विभाग की ‘विभागीय आयोजन 2026’ श्रृंखला के तहत ‘पावस प्रसंग’ का आयोजन 21, 22, 24 और 25 अगस्त को किया जाएगा।
कार्यक्रम महंत घासीदास संग्रहालय परिसर, सिविल लाइंस स्थित मुक्ताकाशी मंच पर प्रतिदिन शाम 7 बजे से शुरू होगा।
बारिश के रंग दिखेंगे नृत्य और संगीत में – ‘पावस प्रसंग’ में बारिश को केवल मौसम के रूप में नहीं, बल्कि भारतीय कला और संवेदनाओं के नजरिए से प्रस्तुत किया जाएगा। बादलों की गड़गड़ाहट, बारिश की रिमझिम, प्रकृति में नवजीवन और मन में उमड़ने वाले भावों को कलाकार शास्त्रीय नृत्य की मुद्राओं, भावाभिव्यक्ति और संगीत के माध्यम से मंच पर जीवंत करेंगे।
भारतीय शास्त्रीय कला परंपरा में वर्षा ऋतु का विशेष महत्व रहा है। इसी परंपरा को केंद्र में रखते हुए कार्यक्रम में प्रकृति और मानवीय भावनाओं के संबंध को कलात्मक रूप में प्रस्तुत किया जाएगा।
मुक्ताकाशी मंच पर चार शाम कला के नाम – संस्कृति विभाग के अनुसार, आयोजन का उद्देश्य शास्त्रीय नृत्य और संगीत को आम लोगों तक पहुंचाने के साथ कलाकारों को मंच उपलब्ध कराना है। खुले मंच का वातावरण बारिश और प्रकृति पर आधारित प्रस्तुतियों के प्रभाव को और बढ़ाएगा।
यह आयोजन 21, 22, 24 और 25 अगस्त को होगा। संस्कृति एवं कला प्रेमियों से कार्यक्रम में शामिल होने का आह्वान किया गया है।

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