है सुकूं का सबब…
है सुकूं का सबब मैकदे की ज़मीं कम मगर जादु-ए-आशिकी भी नहीं आशिकों ने जवां हुस्न को यूँ रखा उम्र...
है सुकूं का सबब मैकदे की ज़मीं कम मगर जादु-ए-आशिकी भी नहीं आशिकों ने जवां हुस्न को यूँ रखा उम्र...
मेरा ही ज़िक्र उसके लबों पर सदा रहे जो शख़्स मेरा हो वो फ़क़त बस मेरा रहे सातों वचन में...
सुबह उठा तो दरवाज़े पर एक चींटी मरी पड़ी थी। उसे उठाया नहीं क्योंकि दफ़नाने की जगह नहीं थी। चाय...
भावना के मौन,मन की शून्यता पर, कल्पना के आवरण कब तक चढ़ाऊँ? गीत ! तुमको ओढ़नी कब तक ओढ़ाऊँ ?...
दुनिया की सबसे पुरानी समस्या क्या है? वह समस्या जो कभी नई नहीं हुई फिर भी रोज़ नई लगती है।...
रात हुई तो इन आँखों में, जगमग - जगमग तारे आए। दिन में जिनको भूल चुका था! याद मुझे वो...
कुछ स्त्रियाँ तुम्हारी किताबों से इतर हैं तुमारी क़लम उनको रच नही पाई कुछ स्त्रियाँ सिमोन की लेखनी से भी...
बताते थे बुजुर्ग कुछ ऐसे-ऐसे आग नहीं बुझती थी चूल्हे में पकती थी रसोई एक ही चिंगारी से सुलगी आग...
खेत के ठीक बीचों-बीच, बिजूका खामोश खड़ा है, और दूर मेड़ पर मौन है किसान। बिजूके ने ओढ़ी है, किसान...
ईश्वर, मुझे और द्रवीभूत करो— इतना पारभासी कि मुझमें झाँकने वाली हर कुटिल आँख, परछाईं नहीं, अपना वास्तविक चेहरा देख...