होली है
गोलू, भोलू, मोनू संग में बबली, झबली, भोली है जोर-शोर सब बोल रहे हैं होली है भई होली है पिचकारी...
गोलू, भोलू, मोनू संग में बबली, झबली, भोली है जोर-शोर सब बोल रहे हैं होली है भई होली है पिचकारी...
कुछ रिश्ते बिछड़ कर भी छूट जाते है सीने में इस तरह सूरज डूबने के बाद भी लाल रंग रिसता...
ऋतुराज की प्रतीक्षा करना बसंत कोई मौसम परिवर्तन नहीं वह पावन सुगंध है तुम्हारे ख़ुशरंग मन की जिसे तुम बिखेर...
भावभीनी श्रद्धांजलि (1) सरस्वती वंदना **** स्व.कौशल प्रसाद दुबे होने दो अहुग्रह का पावस झर झर तमाच्छादित मानस को ज्योतिर्मय...
कभी साँझ का दीप लगे है , कभी भोर का तारा अदभुत अनुपम अतुलनीय है , प्रियवर रूप तुम्हारा !!...
रात के मुसाफिर चांद, तू भी तन्हा तन्हा , चल रहा है शायद मेरी तरह, सितारों जड़ा ये गगन, जगमगाते...
तुम्हारी दौड़ अलकनंदा की तरह है मेरे बच्चे! तुम्हारी चाल गंगा की तरह है मेरे बच्चे! तुमसे मिला सुख महानदी...
देह से देह विलग हो तो भी कामना जुड़ी रहे ज्यों कोई सलोना सयुंक्ताक्षर हर नवेली कोशिका को फिर फिर...
हमारे शरीर में आंखें होती हैं ठीक उसी तरह जिस तरह किसी मकान में खिड़कियां होती हैं अर्थात खिड़कियां किसी...
अपनी खिड़की के कांच में जमी धुंध पर कभी लिखा था तुमने उंगलियों से मेरा नाम वह धुंध लौट आई...