जिसको जितनी चाहत है …
जिसको जितनी चाहत है उसको उतनी ही लत है तुझे मिला या मुझे मिला अपनी-अपनी किस्मत है मंज़िल कब मिलती...
जिसको जितनी चाहत है उसको उतनी ही लत है तुझे मिला या मुझे मिला अपनी-अपनी किस्मत है मंज़िल कब मिलती...
राखी क्यों जरूरी है सुनो मेरे यार, ये ही तो है भारत का सच्चा संस्कार। एक धागे में बंधा है...
प्रेम से जो सदा जलती,मैं वह ही रोसनाई हूं। दिखाए आंख जो टेढ़ी,मैं उनके हित कसाई हूं।। समूचे विश्व की...
असगर अली इंजीनियर स्मृति व्याख्यान! (भाग 2) प्रमुख इतिहासकार, विचारक और लेखक रामचंद्र गुहा से पूछा गया कि क्या गांधी...
आज देश के हालात देख के एक बात समझ मा नइ आवत हे—सरकार के नीति बनथे जनता बर, किसान बर...
'चीनी कम' बहुत पहले एक फ़िल्म आई थी पर स्क्रिप्ट तो लगता है आज के बजट के लिए लिखी गई...
रेशम की नाज़ुक-सी डोरी, जिसमें लिपटा बहन का प्यार, खुशियाँ लेकर देखो आया, राखी का पावन त्योहार। बहना के मन...
'रोटी की परिधि आज भी वही है /किंतु /भूख का क्षेत्रफल बढ़ता जा रहा है लगातार।' सुपरिचित कवि,समीक्षक और साहित्यकार...
जिसकी गूंज विधानसभा से लेकर दिल्ली-बंबई तक पहुंची थी। ( गोकुल सोनी ) साथियों, मेले तो आपने बहुत देखे होंगे,...
लेखक: दिलीप कुमार सिंह उर्फ दिलीप गोंडवी जब हम हिंदी ग़ज़ल की बात करते हैं तो दुष्यंत कुमार के बाद...