September 6, 2026

साहित्य

गांधी से सवाल, यानी हमारे समय से सवाल…

असगर अली इंजीनियर स्मृति व्याख्यान! (भाग 2) प्रमुख इतिहासकार, विचारक और लेखक रामचंद्र गुहा से पूछा गया कि क्या गांधी...

‘उसके हिस्से का’ कविता संग्रह– समकालीन विसंगतियों को बाॅंचती पोखन लाल जायसवाल की कविताएं

'रोटी की परिधि आज भी वही है /किंतु /भूख का क्षेत्रफल बढ़ता जा रहा है लगातार।' सुपरिचित कवि,समीक्षक और साहित्यकार...

छत्तीसगढ़ का वह रहस्यमयी ‘किसबिन मेला’

जिसकी गूंज विधानसभा से लेकर दिल्ली-बंबई तक पहुंची थी। ( गोकुल सोनी ) साथियों, मेले तो आपने बहुत देखे होंगे,...

“धरती की सतह पर” – अदम गोंडवी की वो आवाज़ जो आज भी गूंजती है

लेखक: दिलीप कुमार सिंह उर्फ दिलीप गोंडवी जब हम हिंदी ग़ज़ल की बात करते हैं तो दुष्यंत कुमार के बाद...