June 7, 2026

आलेख

एससीईआरटी छत्तीसगढ़ द्वारा आयोजित बौद्धिक कार्यक्रम

‎“भारतीय ज्ञान परंपरा एवं मेरा लेखन” ‎विषय पर विशेष व्याख्यान एवं चर्चा ‎रायपुर, — राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद्...

लाजवाब कृति – गांव के हो गए (हिंदकी संग्रह)

डॉ माणिक विश्वकर्मा "नवरंग" जी की कृति "गाँव के हो गए" पढ़ने को मिला। पढ़कर मैं पूर्णतः "नवरंग" जी का...

एस. सी. ई. आर. टी. रायपुर छत्तीसगढ में साहित्य का महाकुम्भ

साहित्य, चिंतन और सृजन का संगम :पचहत्तर के बलराम *************** " भारतीय ज्ञान परंपरा और मेरा लेखन "को समर्पित कार्यक्रम...

आज हिंदी पत्रकारिता का द्विशताब्दी दिवस है

आज ही के दिन, अर्थात् 30 मई; 1826 को कोलकाता से हिंदी का पहला समाचार पत्र प्रकाशित हुआ था. कानपुर-निवासी...

उपन्यास पढ़ना केवल मनोरंजन का साधन नहीं है, बल्कि यह हमारे ज्ञान, विचार और व्यक्तित्व को भी समृद्ध बनाता है

आज के समय में जब लोग मोबाइल और सोशल मीडिया में अधिक समय बिताने लगे हैं, तब पुस्तकें पढ़ने की...

हिन्दी पत्रकारिता द्विशताब्दी पर जारी हुआ स्मारक डाक टिकट

नई दिल्ली में राष्ट्रीय महोत्सव के मुख्य अतिथि थेकेन्द्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में कहा - हिन्दी...

हिंदी पत्रकारिता के दो सौ साल और पं. जुगलकिशोर शुक्ल का ‘उदन्त मार्तण्ड’

30 मई 1826 भारतीय इतिहास की एक महत्त्वपूर्ण तिथि है। इसी दिन हिंदी भाषा का पहला समाचार-पत्र उदन्त मार्तण्ड प्रकाशित...

जिन्हें अपनी ही कृति पढ़नी पड़ी

अमरेन्द्र किशोर भारतीय साहित्य की विराट परंपरा में अनेक ऐसे लेखक हुए जिन्होंने अपने शब्दों से युगों को प्रभावित किया,...

27 मई को जयन्ती के अवसर पर : “डॉ. बल्देव : एक जीती-जागती संस्था”

बहुत से व्यक्ति किसी विधा-विशेष में दक्ष होते हैं, उन्हें हम उनकी विशेष विधा के कारण पहचानते हैं। कुछ व्यक्ति...