April 3, 2025

सिनेमा

पुष्पा 2 : हमारे विद्रोह और दबे अरमानों का प्रतीक है पुष्पा

पुष्पा 2 : हमारे विद्रोह और दबे अरमानों का प्रतीक है पुष्पा _________ " एक व्यक्ति अन्न उगाता है दूसरा...

फिल्म समीक्षा : वनवास: डर का दोहन या एक नई बात ?

हर पीढ़ी पुरानी होती है और नई पीढ़ी आती है,यह प्राकृतिक है। पुराना पौधा, वृक्ष बनता है, मुरझाता है और...

समीक्षा : आदमी के साहस को आगे लाने वाली पत्रिका ‘दोआबा’

‘दोआबा’ (पत्रिका) / संपादक : जाबिर हुसेन / प्रकाशक : दोआबा प्रकाशन / संपर्क : 247 एम आई जी, लोहियानगर,...

पुस्तक समीक्षा : मॉरीशस और फीजी : विश्व हिंदी सम्मेलन के झरोखे से

समीक्षक-डॉ. सुभाषिनी लता कुमार ----------------------- प्रलेक, मुंबई ने अभी-अभी एक पुस्तक प्रकाशित की है। उसका शीर्षक है ‘मॉरीशस और फीजी:...

फ़िल्म आवारा : राज कपूर (1951)

सामंती जीवन मूल्य और पितृसत्ता में घनिष्ठ सम्बन्ध है।समाज मे जिस अनुपात में सामंती जीवन मूल्य रहेंगे उसी अनुपात में...

पुस्तक समीक्षा : सफलता के पायदान

लेखिका : शुचिता श्रीवास्तव समीक्षक : डॉ किशोर अग्रवाल —----------------- जिंदगी में आगे बढ़ने के लिये दृढ़ निश्चय व परिश्रम...