March 5, 2026

समीक्षा

मऊ जंक्शन उपन्यास :एक समीक्षा

---डॉ. मेनका त्रिपाठी विक्रम सिंह का “मऊ जंक्शन” उपन्यास आजकल खूब चर्चा में है, अंग्रेजी भाषा में नेहा विश्वकर्मा द्वारा...

पुस्तक समीक्षा : कृति- अपने पैरों पर!(उपन्यास)

लेखक - भवतोष पाण्डेय प्रकाश -नोशन प्रेस पृष्ठ संख्या - 145 मूल्य- 249 उपलब्धता- अमेज़न और फ्लिपकार्ट दोनों पर उपलब्ध...

फ़िल्म ‘खंडहर’ : मृणाल सेन (1984)

खंडहर में एक वीरानी होती है, अकेलापन होता है। मानो अस्तित्व और अनस्तित्व के बीच की स्थिति! मगर खंडहर यह...

पुष्पा 2 : हमारे विद्रोह और दबे अरमानों का प्रतीक है पुष्पा

पुष्पा 2 : हमारे विद्रोह और दबे अरमानों का प्रतीक है पुष्पा _________ " एक व्यक्ति अन्न उगाता है दूसरा...

फिल्म समीक्षा : वनवास: डर का दोहन या एक नई बात ?

हर पीढ़ी पुरानी होती है और नई पीढ़ी आती है,यह प्राकृतिक है। पुराना पौधा, वृक्ष बनता है, मुरझाता है और...

समीक्षा : आदमी के साहस को आगे लाने वाली पत्रिका ‘दोआबा’

‘दोआबा’ (पत्रिका) / संपादक : जाबिर हुसेन / प्रकाशक : दोआबा प्रकाशन / संपर्क : 247 एम आई जी, लोहियानगर,...

पुस्तक समीक्षा : मॉरीशस और फीजी : विश्व हिंदी सम्मेलन के झरोखे से

समीक्षक-डॉ. सुभाषिनी लता कुमार ----------------------- प्रलेक, मुंबई ने अभी-अभी एक पुस्तक प्रकाशित की है। उसका शीर्षक है ‘मॉरीशस और फीजी:...