क़ैदी
वे तीन थे और जैसे किसी जेल में थे अंदर थी एक संकरी-सी कोठरी जिसके भीतर था उनका ही संकरा-सा...
वे तीन थे और जैसे किसी जेल में थे अंदर थी एक संकरी-सी कोठरी जिसके भीतर था उनका ही संकरा-सा...
चारो दिशाओं में फैला हुआ आकाश नीले रंग को विस्तार-सा दे रहा पहले से कुछ अधिक साफ हो चला है...
बालकनी के कोने में, वॉशिंग मशीन के नीचे मिट्टी का छोटा-सा घर बना था। पहले सिर्फ़ पीली-काली ततैया दिखती थी,...
जयप्रकाश ( दरसल यह पुरुषों के बारे में है) अब प्रेम मोबाइल स्क्रीन पर उगता है, जैसे किसी पुराने खेत...
मुझे याद नहीं वर्षों की गणना मैं कब आया हूँगा तुम्हारे सौर मंडल में! पूछना धरती के सात आवारा समुद्रों...
जब दीप बुझे आना, जब दिल जले आना, वादे सारे भूलकर तुम बस चले आना,,, बेबहर से जीवन मेंं मेरे...
घाव पर मरहम लगाना चाहिए। दिल जले को क्यों जलाना चाहिए? रात का यह स्वप्न है किस काम का ।...
बेटी छोटी- बिटिया सम्भालती है घर को माँ की तरह. छोटे भाई की पोंछती है नाक झाडू-बुहारू चौका- चूल्हा आए-...
जिसके नूर से रोशन सारा आलम है उसकी खोज में डूबा हुआ हर आदम है। उसकी रहमत रोशन करती दुनिया...
उसकी आँखों में कोई मंदिर नहीं था कोई मस्जिद नहीं बस एक आग थी जो जलती थी हर उस घर...