October 22, 2026

कविता

राष्ट्रीय पक्षी दिवस (5 जनवरी )पर

नील गगन के प्यारे पंछी उड़ते कितने सारे पंछी पेड़-गगन हैं इनकी दुनिया दिखते जहाँ हमारे पंछी इनको कभी तंग...

कुछ हिन्दी के कवियों की काव्य पंक्तियां जो साल के आख़िरी दिनों में बरबस मेरी स्मृति में कौंध रही हैं –

1."खुसरो दरिया प्रेम का,उल्टी वा की धार। जो उतरा सो डूब गया, जो डूबा सो पार।।"- अमीर खुसरो 2."ऐसा कोई...

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