कुछ ख़्वाहिशें ख़रीद कर लानी हैं …
कुछ ख़्वाहिशें ख़रीद कर लानी हैं
ऐसी कोई दुकान बता दो
ज़मीं चांद सितारों से सजानी हैं
आसमान का दाम बता दो
जहां फकत खुशियां ही खुशियां हो
ऐसा एक मकान बता दो
सारे गमों को ले जाएं उड़ाकर
है! कोई तूफान बता दो
इधर से सुनकर उधर निकालें
मिलते कहां वो कान बता दो
नेकी कर दरिया में डालें
कितने हैं इंसान बता दो
दूर करें हर बंदे का दुख
नुस्खा वो भगवान बता दो
~ शांति जैन