April 25, 2026

Chhattisgarh Mitra

गांधी दुनिया से कभी ख़त्म नहीं हो पाएँगे !

-श्रवण गर्ग राष्ट्रपिता की एक बार फिर हत्या की जा रही है। पहले उनके शरीर का नाश किया गया। फिर...

पहला गिरमिटिया : गाँधीभाई का महाकाव्यात्मक कथ्य

डॉ. त्रिभुवन राय 'पहला गिरमिटिया' न जीवनी है, न आत्मकथा। वह कोई शोधग्रंथ भी नहीं है और न ही इतिहास...

भरत मुनि का नाट्य शास्त्र भारत की कला चेतना और चिंतन की गंगोत्री है

भरत मुनि का नाट्य शास्त्र भारत की कला चेतना और चिंतन की गंगोत्री है. पिछले दो हजार बरसों में इसने...

जनकवि कोदूराम “दलित” की हिन्दी कविता :

(आजादी के तुरंत बाद की रचना) कवित्त (1) श्रम का सूरज उगा, बीती विकराल रात, भागा घोर तम, भोर हो...

“बहुरंगी काव्य के सुकवि सुशील यदु”

सुरता सुशील यदु : छत्तीसगढ़ की उर्वरा माटी ने अनेक काव्य-रत्नों को जन्म दिया है। अस्सी के दशक में छत्तीसगढ़ी...