July 22, 2026
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तुम्हारे विरह में झरती हुई
इन नम आंखों की बूंदे
तुम्हारे गुरूर से हमेशा बड़ी होंगी …!

तुम्हे बहुत गुरूर है ना
अपनी खूबसूरती पर
पर याद रखना
मेरा प्रेम
तुम्हारे चंद्र मुख ऊके उस लालित्य से
सदैव सुंदर होंगी …!

बेशक
इन धड़कनों का शोर
किसी दिन
तुम्हारी कीर्ति के कोलाहल में
खो जाएं

पर याद रखना
मेरी मोहब्बत की जमीं
तुम्हारे शोहरत के आसमानं से .
हमेशा बड़ी होगी …!

रीतू गोयल

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