मौनी अमावस्या
आज का दिन मौन रहकर आत्मचिंतन करने का दिन है। शायद अपने अंदर झांक कर खुद को खोजने का दिन...
आज का दिन मौन रहकर आत्मचिंतन करने का दिन है। शायद अपने अंदर झांक कर खुद को खोजने का दिन...
छत्तीसगढ़ी साहित्य के बढ़वार म जेकर मन के नाॅव आगू के डाँड़ म गिने जाथे, वोमा टिकेन्द्रनाथ टिकरिहा के नाॅव...
(25 अक्टूबर 1916 - 13 जनवरी 1998) जब सागर की गहराई में करुणा की एक बूँद सीप में बन्द रहकर...
रात के मुसाफिर चांद, तू भी तन्हा तन्हा , चल रहा है शायद मेरी तरह, सितारों जड़ा ये गगन, जगमगाते...
डॉ. परिवेश मिश्रा साल 1946 के शुरूआती तीन महिनों में सारंगढ़ राज्य के हर गांव में ढेंकियों की आवाज़ गूंज...
कुछ दिनों पूर्व अपने गृह ग्राम बागबहारा (छत्तीसगढ़) में था, वहाँ से लगभग ९० किलोमीटर की दूरी पर प्रसिद्ध तीर्थ...
तुम्हारी दौड़ अलकनंदा की तरह है मेरे बच्चे! तुम्हारी चाल गंगा की तरह है मेरे बच्चे! तुमसे मिला सुख महानदी...
व्यंग्यकार त्रिभुवन पाण्डेय देश की सबसे चौड़ी नदी ‘महानदी’ छत्तीसगढ़ में है. धमतरी से अस्सी किलोमीटर दूर सिहावा की पहाड़ियों...
डाॅ. नरेंद्र देव वर्मा कृत "सुबह की तलाश" एक विशिष्ट उपन्यास है जिस पर पर्याप्त चर्चा नहीं हुई । छत्तीसगढ़ी...
प्रायः देखा जाता है लोगों का कौतूहल नदी,झरनों,धार्मिक स्थल, जंगल अथवा पहाड़ी क्षेत्रों में किसी विशेष अवसर पर देखने को...