पिछले चार पांच दिनों से पिता उमाकांत मालवीय का लिखा गांधी बुझौवल का यह मुखड़ा याद आ रहा है/
नानी जैसी भरी झुर्रियां
पुपला मुंह ज्यों दादी
ऐनक आंखों पर , बूझो तो
कौन? महात्मा गांधी
आज भी दिनभर उनकी यह कविता ढूँढते रहे पर सब जगह ढूंढ ढूंढ कर हार गए , कहीं मिली ही नहीं। आख़िर उन्हीं से एक चम्मच लेकर आगे की कविता की खिचड़ी हमने ख़ुद पकाई है या यह कहिए कि उनके जूतों में पांव डालने की कोशिश की है।यहां इस वादे के साथ साझा कर रहे हैं कि अपनी तलाश जारी रखेंगे और मूल कविता मिलते ही,उसे भी प्रस्तुत करेंगे। बहरहाल! आज २ अक्टूबर है,बापू का जन्म दिवस। उन्हें अपने प्रणाम देते हुए, गांधी बुझौवल इस रूप में यहां पेश कर रहा हूं
गांधी बुझौवल
नानी जैसी भरी झुर्रियाँ
पुपला मुंह ज्यों दादी
ऐनक आंखों पर बूझो तो
कौन? महात्मा गांधी
सूली पर चढ़कर भी हरदम
सच कहने का आदी
सत्य अहिंसा का आराधक
कौन? महात्मा गांधी
आंखों से करुणा की होती
अक्सर बूंदा बांदी
लिए लकुटिया आगे बढ़ता
कौन? महात्मा गांधी
अंग्रेज़ों भारत छोड़ो की
घर घर करे मुनादी
भारत माता की जय बोले
कौन? महात्मा गांधी
सांसों में सुराज का सपना
औ पैरों में आंधी
जिससे ब्रिटिश हुकूमत कांपे
कौन? महात्मा गांधी
करो या मरो मंत्र है जिसका
सूरत सीधी सादी
अन्यायी से लोहा लेता
कौन? महात्मा गांधी
सत्यमेव जयते जीता है,
जीता है आज़ादी
नेहरू औ सुभाष का प्यारा
कौन? महात्मा गांधी
दौड़ रहा है साथ समय के,
घड़ी कमर में बांधी
नहीं काल से भी डरता जो,
कौन? महात्मा गांधी
धोती और लंगोटी पहने
सदी पीठ पर लादी
चरखा काते, करता बातें
कौन? महात्मा गांधी
दूध पिए बकरी का,
जिसके मंसूबे फ़ौलादी
क़दम नहीं पीछे धरता जो
कौन? महात्मा गांधी
उजला उजला मन जिसका
ज्यों उजली उजली खादी
साबरमती लहरती, जिसमें
कौन? महात्मा गांधी
जात पात से टकराने को,
जिसने नई हवा दी
छुआछूत से लड़ा हमेशा
कौन? महात्मा गांधी
धर्म और मज़हब की जिसने
हर दीवार गिरा दी
हिन्दू मुस्लिम,जिसकी आंखें
कौन? महात्मा गांधी
जिसके पीछे पीछे चलती,
है सारी आबादी
सीने पर गोली खाता है
कौन? महात्मा गांधी
नाथूराम गोडसे,जिसकी
हत्या का अपराधी
अन्त समय हे राम पुकारे
कौन?महात्मा गांधी
/ यश मालवीय
स्केच: अचिंत्य मालवीय