April 4, 2025

सिनेमा

सुरेशचन्द्र शुक्ल विदेश में महात्मा गाँधी की पत्रकारिता के संवाहक – प्रो. शैलेन्द्र कुमार शर्मा

नार्वे से डिजिटल अन्तर्राष्ट्रीय संगोष्ठी और कविसम्मेलन में प्रसिद्ध समालोचक और मुख्य अतिथि शैलेंद्र कुमार शर्मा ने कहा कि सुरेशचन्द्र...

रमण की आंखों से झलकती है कविता -प्रो वाजपेयी

टैगोर और नवीन के परंपरा के कवि हैं किरण-तिवारी कबूतरी बहुत सुंदर थी की समीक्षा गोष्ठी का आयोजन बिलासपुर। छत्तीसगढ़...

अगरिया :लौहकर्म के आदिम असुर जनजाति

वेरियर एल्विन भारतीय मानवशास्त्र में एक चर्चित नाम हैं। उनका अध्ययन क्षेत्र मुख्यतः मध्य भारत के जनजातीय क्षेत्र रहा है।...

द डायरी ऑफ के यंग गर्ल-ऐन फ़्रैंक

अनुवाद-नीलम भट्ट समीक्षा- आरुषि प्रकाशक-मंजुल पब्लिशिंग हाउस डायरी पढ़ने का यह पहला मौका था। इस डायरी ने बहुत कुछ सोचने...

“लोकभाषा से उपजी सान्द्र संवेदना के नवगीत”

लोकप्रिय व्हाट्सएप नवगीत समूह 'संवेदनात्मक आलोक' के पाक्षिक आयोजन में इस बार- 'नवीन/पुनर्पाठ अंक'-3, के वरिष्ठ नवगीत कवि आनंद तिवारी...

तीसरी कसम : न कोई इस पार हमारा, न कोई उस पार

रेणु की चर्चित कहानी 'तीसरी कसम उर्फ़ मारे गए गुलफ़ाम' पर आधारित फ़िल्म 'तीसरी कसम'(1966) की काफ़ी चर्चा होती रही...