जेबकतरा !
बस से उतरकर जेब में हाथ डाला तो मैं चौंक पड़ा। जेब कट चुकी थी। जेब में था भी क्या?...
बस से उतरकर जेब में हाथ डाला तो मैं चौंक पड़ा। जेब कट चुकी थी। जेब में था भी क्या?...
24/09/2021 मेरी "दास्तान" को न छेड़ मेरे हमदम दर्द बहुत है इस इश्क़ का किस्सा भी मुझे "मशहूर" लगता है...
सत्तर और अस्सी के दशक के पाठकों को सोवियत-संघ के रादुगा और प्रगति प्रकाशन की पुस्तकों की अवश्य ही याद...
लेखक -हनुमंत नायडू मध्य प्रदेश का पूर्वीय अंचल छत्तीसगढ़ कहलाता है. इस क्षेत्र में हिंदी की एक उप भाषा छत्तीसगढ़ी...
सुशांत सुप्रिय " पापा , भगवानजी तो इन्सानों को बड़ी मेहनत से बनाते होंगे । जब एक इंसान दूसरे इंसान...
डॉ विनोद टीबड़ेवाला अंतर्राष्ट्रीय विश्व मैत्री मंच के द्वारा आयोजित हिंदी दिवस के उपलक्ष में संपर्क भाषा के रूप में...
मैं किसी और के जैसा,क्यों बनूँ? जैसा हूँ वैसा ही रहूँगा । दूसरों की नकल क्यों करूँ? मैं अपनी भावनाएँ...
जंगल को बचाने के लिए, पहाड़ पर कविता जाएगी, कुल्हाड़ी की धार के लिए, कमरे में दुआ मांगी जाएगी, पहाड़...
आंखों ने देखने लगे हैं उड़ते बादल । आंखों में तैरने लगे हैं उड़ते बादल ।। आंखों ने देखे थे...
(27 सितंबर से 02 अक्टूबर 2021 तक) अपने साथ एक पूरे युग को लेकर चलनेवाले गाँधी, अपने जीवन में सहजता,...