रहिमन पानी राखिए
इस दुनिया में मोटे तौर पर दो तरह के लोग होते हैं एक वो जो इस्तेमाल करना जानते हैं और...
इस दुनिया में मोटे तौर पर दो तरह के लोग होते हैं एक वो जो इस्तेमाल करना जानते हैं और...
राह लंबी मंज़िल दूर सही चलने से मैं न डरूंगी ज़माने के पास उलाहनों ,तानों के सिवा कुछ भी नहीं...
1)थोपा गया हिंदुत्व! _______________________ वे समीप आते हैं और समीप आकर इस उम्मीद के साथ उद्घोष करते हैं कि मैं...
मीठे भ्रमित राहों से जकड़े हुये बाहों से दूर जल्दी भाग रहे हैं अच्छा है कि जाग रहे हैं। सच...
कहते हैं आजादी अधिकार है सबका लेकिन इसका प्रयोग करना कहाँ जानते हैं सब? जैसे आदत होती है कुछ पशुओं...
खुश अब देश है । खुशी भी दी तो स्त्रियों ने अपनी बूते , अपनी मेहनत और लगन से ।...
हम क्या थे और क्या हो गए जीने के अब सारे- अर्थ ही खो गए सोचें हम क्या थे और...
अंडा कस महतारी हर सेवत हे छाती ले चिपका के साँसे म सेवत हे बुढ़वा, बचपन ल खोजत हे दाई...
प्रदीप श्रीवास्तव वह साँवली सी बमुश्किल पंद्रह-सोलह वर्ष की रही होगी। यही कोई पाँच फुट उसकी ऊँचाई थी। पहले लम्बे...
बरसे बादरिया झूम-झूम , हरसे हियरा छाये उमंग । धरती गाये गीत पवन संग, चहकें चिड़िया अति प्रसन्न। सब ओर...