March 6, 2026

आलेख

“पहचान कर्मयोगी की” लेख प्रस्तुति

संत गोस्वामी तुलसीदास द्वारा रचित रामचरित मानस में लिखा गया, कि "हानि_लाभ, जीवन_मरण, यश_अपयश, विधि हाथ"। निश्चित रूप से उक्त...

प्रेम : (एक विश्वप्रसिद्ध लघुकथा)

शिकार से लौटते हुए मैं बगीचे के मध्य बने रास्ते पर चला जा रहा था, मेरा कुत्ता मुझसे आगे-आगे दौड़ा...

बीच बहस में: विनोद कुमार शुक्ल की उपन्यास- दृष्टि

वीरेंद्र यादव हिंदी उपन्यास में दो दृष्टियों का टकराव आमने-सामने रहा है एक दृष्टि भारतीय समाज के संश्लिष्ट यथार्थ से...

मातृभाषा में लौटने का उजाला

आज के दिन को मैंने कई बार अपने भीतर दोहराया। साहित्य अकादमी और बिहार सरकार के संयुक्त आयोजन 'उन्मेष 2025'...

व्यंग्य के तीर चलाने में सुदक्ष और कुशल : व्यंग्यरत्न हँसमुख वीरेन्द्र सरल

कृष्ण कुमार अजनबी 14 जून 1971 को तत्कालीन मध्यप्रदेश और वर्तमान में छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले के अंतर्गत बोडरा ग्राम...

पुरखा के सुरता – मेहतर राम साहू जी

पुरखा के सुरता छत्तीसगढ़ मा स्वाभिमान ल जगाए बर गांव-गांव मा जा के छत्तीसगढ़ी भाखा मा सब विधा ला जोरे...

लोकपर्व लोककला … “ दीवारों पर खिलते स्वप्न और प्रार्थनाएँ”

साँझी लोकपर्व मुख्यतः उत्तर भारत, हरियाणा, पंजाब राजस्थान ,दिल्ली के कुछ हिस्सों में और विशेषकर ब्रज क्षेत्र में मनाया जाता...

सुरता सुशील यदु : “बहुरंगी काव्य के सुकवि सुशील यदु”

छत्तीसगढ़ की उर्वरा माटी ने अनेक काव्य-रत्नों को जन्म दिया है। अस्सी के दशक में छत्तीसगढ़ी साहित्य के गगन पर...

क्रांतिवीर नारायण सिंह की शहादत पर पहला उपन्यास ; 1857 सोनाखान

(आलेख ; स्वराज करुण ) स्वतंत्रता हर देश का मौलिक और मानवीय अधिकार है। विशेष रूप से विगत दो शताब्दियों...