आप चाहें कत्ल करके आइए दरबार में…
2122 2122 2122 212
आप चाहें कत्ल करके आइए दरबार में|
सैकड़ों सौगंध झूठी खाइए दरबार में॥
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आप भी आजाद होने के यहाँ हकदार हैं |
न्याय पैसों की बदौलत पाइए दरबार में॥
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फिर कहाँ अवसर मिलेगा लूटने का आपको |
थैलियों को कफन में सिलवाइए दरबार में॥
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बोलिए बस आपकी बातें बहुत रसदार हैं |
देश के सम्मान में भी गाइए दरबार में॥
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हम वकालत आपकी करते रहेंगे उम्र भर|
बोलिए सच,झूठ मत बरसाइए दरबार में ।।
🖋️श्रद्धा