March 6, 2026
images

( भयानक भुगते हुए साल के आखिरी में )

दुःख का कोई मुहूर्त्त नहीं होता
सुख का !
घृणा का कोई मुहूर्त्त नहीं होता
प्रेम का !
दुश्मनी का कोई मुहूर्त्त नहीं होता
दोस्ती का !
काँटों का कोई मुहूर्त्त नहीं होता
फूल का !

भूख का कोई मुहूर्त्त नहीं होता
तृप्ति का !
अन्याय का कोई मुहूर्त्त नहीं होता
न्याय का !
रेगिस्तानी धूप का कोई मुहूर्त्त नहीं होता
छाँव का !

सौन्दर्य का कोई मुहूर्त्त नहीं होता
सौहार्द का!
अज्ञान का कोई मुहूर्त्त नहीं होता
ज्ञान का !

–शीलकांत पाठक

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *