पानी : तीन कविताएँ
1
कुछ लोग
जहरीली शराब पीकर
मर जाते हैं
मगर हमारी नई तरक्की
अब चौतरफा व्याप्त है
कि मरने के लिए
केवल पानी ही पर्याप्त है।
2
उन्होंने शहर को साफ़ रखा
पर इतने व्यस्त हुए कि
भूल ही गए कल
स्वच्छ शहर से भी
ज्यादा जरूरी है
स्वच्छ जल।
3
उसने बस इतना ही कहा
“चुल्लू भर पानी!”
सुनते ही वह
काँप गया
समझदार था
व्यंग्य भाँप गया।
@ गिरीश पंकज