दुनिया की सबसे पुरानी समस्या
दुनिया की सबसे पुरानी समस्या
क्या है?
वह समस्या जो कभी नई नहीं हुई
फिर भी रोज़ नई लगती है।
वह समस्या जो
एक छोटे से बच्चे के हाथ में
एक टूटी हुई गुड़िया की तरह है
वह रोता है, हम कहते हैं – “नई ख़रीद लेंगे”
वह फिर भी पुरानी गुड़िया को छोड़ता नहीं।
वह समस्या जो
रसोई में रखे पुराने बर्तन की तरह है
हम रोज़ उसमें खाना बनाते हैं, रोज़ धोते हैं
फिर भी उसमें पुराना स्वाद बना रहता है।
वह समस्या जो
गाँव के पुराने पीपल के नीचे रखी
टूटी हुई घंटी की तरह है।
सुबह-सुबह पंडित जी आते हैं
घंटी बजाते हैं – टन-टन
रोज़ आरती होती है, रोज़ भजन गाए जाते हैं
लेकिन वह घंटी
वही पुरानी आवाज़ में अटकी रहती है।
वह समस्या जो
हमारे पेट में दर्द की तरह है
वैद्य कहते हैं – “यह तो आम है”
हम कहते हैं – “हाँ”
फिर भी रात को सो नहीं पाते।
दुनिया की सबसे पुरानी समस्या
वह है जो
हमारे साथ पैदा होती है
हमारे साथ बढ़ती है
हमारे साथ मरती नहीं।
वह समस्या जो
एक दिन हमसे पूछती है –
“तुम मुझे पहचानते हो न?”
और हम थोड़ा मुस्कुराकर कहते हैं –
“हाँ हाँ, तू वही है।”
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[ जयप्रकाश मानस, 16 अप्रैल, 2026 ]