दो बीघा ज़मीन : बिमल राय(1953)
मनुष्य का धरती से प्रेम आदिम काल से रहा है। कृषक जीवन में धरती से उपजा अन्न ही उसका मुख्य...
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मनुष्य का धरती से प्रेम आदिम काल से रहा है। कृषक जीवन में धरती से उपजा अन्न ही उसका मुख्य...
बदला तीस वर्ष पूर्व पंडित जी ने बताया था कि उसकी कुंडली के चौथे घर में मंगल बैठा है, इसलिए...
औरतों के दुख बड़े अशुभ होते हैं, और उनका रोना और भी बड़ा अपशकुन। दादी शाम को घर के आँगन...
राजेन्द्र उपाध्यापय हाल ही में सूरत में एक शादी में जाने का मौका मिला। वहां बारात के ऊपर चलती सड़क...
राजेन्द्रो उपाध्यायय मेरे वे सब दोस्त कहां है अब जिनके भरोसे काटी थी कभी शिमला की बर्फीली सर्दियां जिनके साथ...
सोचती रही कुछ पलों तक क्या करें ?तभी उसके हाथ से टकराया एक हाथ और हल्का सा उसकी पीठ को...
सुशांत सुप्रिय आइए, इंस्पेक्टर साहब । मुझे शुबहा था कि आप लोग मेरे घर भी ज़रूर आएँगे । इलाक़े में...
मैं एक भरोसे के साथ उन सभी लोगों की ओर देखता हूँ जिनका होना इस दौर में भरोसा बचा रहना...
समागम के मूलतत्व जीवन का ब्रहांड बनता बिगड़ता है तेरे मेरे गुरुत्वाकर्षण से जैसे गुजरता है जीवन अनेक चक्रों से...
■ स्मृतियों की कतरन ■ •|| एक ||• अभी इस समय दर्ज़ी क्यों याद आ गए कहना कठिन है! जबकि...