October 22, 2026

Chhattisgarh Mitra

“अविभाजित दुर्ग जिले का साहित्यिक इतिहास”

(मेरे संकलन से - अरुण कुमार निगम) पं. दानेश्वर शर्मा का अध्यक्षीय भाषण : दिनांक : 21 जून 1962 संदर्भ...

छत्तीसगढ़ी जन-कवि – कोदूराम ”दलित”

लेखक - डॉ. हनुमंत नायडू { नवभारत टाइम्स , बम्बई (अब मुम्बई) दिनांक 03 मार्च 1968 से साभार } मध्य...

छत्तीसगढ़ी गुरतुर भाषा: अंतस को सींचती है, आत्मा को एक दूसरे से जोड़ती है: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

छत्तीसगढ़ी गुरतुर भाषा है। छत्तीसगढ़ी भाषा केवल संवाद का माध्यम नहीं है, यह हमारे अंतस को सींचने और हमारी आत्मा...

बजट से छत्तीसगढ़ के विकास को मिलेगी तीव्र गति – मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

र्तमान और भविष्य दोनों की जरूरतों को पूरा करता बजट विधानसभा में प्रस्तुत मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने सूत्रवाक्य रखा,...

“छत्तीसगढ़ी कविताओं में वसंत”

(कल से लेकर आज तक) भारतवर्ष में तीन मुख्य ऋतुएँ ग्रीष्म, वर्षा और शीत होती हैं। चार उप-ऋतुएँ भी होती...

स्मृति शेष पवन दीवान अब केवल अपनी कविताओं में मिलेंगे

(आलेख - स्वराज करुण ) देखते ही देखते आज नौ साल पूरे हो गए. वह 2मार्च 2016 की तारीख़ थी,जब...

बस्तर की जनजातीय कला-संस्कृति को पुनर्जीवित करने आयोजित होगा बस्तर पंडुम

प्रदेश सरकार द्वारा बस्तर की विशिष्ट जनजातीय कला एवं संस्कृति को पुनर्जीवित करने तथा समुचित सम्मान दिलाने के उद्देश्य से...

राजिम कुंभ कल्प समापन समारोह: मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने छत्तीसगढ़ की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत को किया नमन

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने छत्तीसगढ़ के प्रयागराज कहे जाने वाले राजिम में आयोजित कुंभ कल्प के समापन समारोह को...

You may have missed