March 8, 2026

साहित्य

नदी उसी तरह सुंदर थी जैसे कोई बाघ : संवेदना का विस्तार करती कविताएं

कविता कर्म स्वाभाविक रूप से कवि की संवेदनात्मक प्रतिक्रिया है,जो ज़ाहिर है विवेक रहित नहीं होती। इसलिए एक ही घटना...

सप्रे संग्रहालय की बौद्धिक संपदा में जुड़ा नया आयाम

सुप्रसिद्ध कहानीकार चित्रा मुद्गल ने सौंपा अपना साहित्यिक खजाना राजधानी भोपाल ही नहीं, देश और प्रदेश में ज्ञान तीर्थ की...

इब्नबतूता की भारत यात्रा: चौदहवी शताब्दी का भारत

प्राचीन काल से भारत मे विदेशी यात्री आते रहे हैं. कुछ आक्रमणकारियों के साथ, कुछ व्यापारियों के साथ,तो कुछ धार्मिक-तात्विक...

विशेष लेख: सरकार भयमुक्त एवं विधिसम्मत शासन व्यवस्था प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध

मनोज सिंह, सहायक संचालक नक्सल पीड़ित क्षेत्रों में 900 से अधिक परिवारों को दिलाई जा चुकी है मुकदमों से मुक्ति...

विशेष लेख  : सप्रे जी के समय राष्ट्रीय स्तर पर पहचान था गौरेला-पेन्ड्रा का

गौरेला-पेन्ड्रा की पहचान गुरूदेव रवीन्द्र नाथ टैगोर और श्री माधवराव सप्रेजी के समय राष्ट्रीय स्तर पर थी। सौ साल पहले...

सैलानियों का पसंदीदा हिल स्टेशन बनता मैनपाट

प्राकृतिक सौंदर्य व अनूठे संस्कृति का संगम मैनपाट समुद्र तल से करीब 1085 मीटर की ऊंचाई पर स्थित तथा विलग...

राजधानी रायपुर में ‘घृणा के समय में प्रेम’ विषय पर साहित्यिक कार्यक्रम 11 एवं 12 फरवरी को

देश भर के नामचीन साहित्यकार और प्रख्यात कवि करेंगे शिरकत राजधानी रायपुर में साहित्य अकादमी, छत्तीसगढ़ संस्कृति परिषद के तत्वाधान...

कारीगर के हाथ सोने के नहीं होते

कमलेश्वर साहू समकालीन कविता में जाना-पहचाना नाम है। विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में उनकी रचनाएं प्रकाशित होती रहती है।अभी तक उनके पांच...