March 8, 2026

साहित्य

मेरी ज़मीन मेरा सफ़र : ज़ज़्बात की शायरी

शायरी की परंपरा बहुत पुरानी है और काफी मथी जा चुकी है।फ़ारसी-उर्दू-हिंदी की यह परम्परा मुसलसल जारी है, और लोकप्रिय...

कहानी : सी.एच.बी. इंटरव्यू

राम विज्ञापन आया है, सहायक प्राध्यापक पद हेतु विकास ने कहा। पद पर्मानेंट है या काॅन्ट्रैक्ट बेसिस पर राम ने...

कहानी : दलाल

विश्वजीत:" कल्याण पढ़ाई महत्वपूर्ण है ज़िंदगी में।" कल्याण:" हां। सही है विश्वजीत तुम्हारा। लेकिन परिस्थिति पढ़ाई करने जैसी नहीं है।...

डॉ. प्रेमकुमार पाण्डेय की कविताएं

सबने फूल -फूल चुन लिए,मैं कांटे उठा लाया। सब फूल झड़ गए,कांटों से कांटे निकालता रहा।। उनकी मुट्ठी में चांद...

लछमनिया का चूल्हा:अस्मिता और अधिकार की चिंता

समकालीन राजनीति और साहित्य में आदिवासी स्वर तीव्रता से उभर कर आया है; जो स्वाभाविक है. एक लंबे समय तक...

चार सौ वर्ष प्राचीन अप्रकाशित पाण्डुलिपि : रामहनु कथा रास

-डाॅ. महेन्द्रकुमार जैन ‘मनुज’ आचार्य श्री देवनन्दि दिगम्बर जैन स्वाध्याय एवं शोध संस्थान, नैनागिरि में एक लगभग चार सौ वर्ष...