March 8, 2026

साहित्य

कटंगी के पुरावशेष : भोरमदेव क्षेत्र

भोरमदेव के फणिनागवंशियो के साक्ष्य मुख्यतः मैकल श्रेणी के समानांतर मिलते हैं। यह आश्चर्यजनक भी है कि मैदानों को छोड़कर...

सहसपुर मूर्ति अभिलेख संवत 934(1182 ई.): भोरमदेव क्षेत्र

भोरमदेव क्षेत्र में फणिनागवंशी कालीन पुरातत्विक अवशेष दूर-दूर तक बिखरे हुए हैं। ये अवशेष मुख्यतः मैकल श्रेणी के समानांतर पर्वतीय...

स्त्री की विडम्बना और अस्मिता का द्वंद्व

समकालीन कथा साहित्य में स्त्री स्वर अपनी मुखरता के साथ उपस्थित है। अब वे अपने जिये और देखे जिंदगी को...

आसिफ इक़बाल की कलम से : हमर छत्तीसगढ

'हमर छत्तीसगढ़' अनादि काल से 'धान का कटोरा' के नाम से जाना जाता है यानी छत्तीसगढ़ का पूरा राज्य धान(चांवल)...

भाग 71- अनाम आत्मकथा : हमारी कमज़ोरी हम ही दूर करें

राजन ने अनुभव किया है कि दुनिया में आदमी को और कोई इतना परेशान नहीं करता जितना उसकी स्वयं की...

राजाघाट और घोड़ाघाट, सकरी नदी कवर्धा

पुराने जमाने मे राजा-महाराजा से लेकर आम आदमी तक का गुजारा नदी, तालाब में होता था। तदनुरूप घाट बने होते...

अपना सा लगता है घर: अपनेपन के अहसास की कहानियां

वरिष्ठ साहित्यकार सत्यभामा आड़िल छत्तीसगढ़ के साहित्य जगत में चर्चित नाम हैं। कविता, उपन्यास, नाटक, लोकसाहित्य आदि विविध क्षेत्रों में...

मोर पहिली साहित्यिक हवाई यात्रा..

अक्टूबर महीना के लगत ले चम्मास के बादर पानी थोर कमतिया जाए रथे. साहित्यिक सांस्कृतिक कार्यक्रम मन के दिन बादर...