अपने गिरेबान में…..!!
कलम चल रही है, लेखन जारी है....!! सच कहूं .....!! मन लिखने से पहले, अपनी ही कसौटी पर तुलता पूछता...
कलम चल रही है, लेखन जारी है....!! सच कहूं .....!! मन लिखने से पहले, अपनी ही कसौटी पर तुलता पूछता...
( भयानक भुगते हुए साल के आखिरी में ) दुःख का कोई मुहूर्त्त नहीं होता सुख का ! घृणा का...
2026 सुना है, तुम अपने साथ उड़ने वाली गाड़ियाँ और आदमियों से ज़्यादा समझदार मशीनें लानेवाले हो। पर सुनो एक...
1."खुसरो दरिया प्रेम का,उल्टी वा की धार। जो उतरा सो डूब गया, जो डूबा सो पार।।"- अमीर खुसरो 2."ऐसा कोई...
संपूर्ण का अंश °°° एक टुकड़ा धूप का ही तो हूँ मैं और तुम बेकार ही मुझे सूरज समझते रहे...
विकुशु! मेरे अंचल के प्रिय कवीन्द्र! आकाश भर अपने परों में - क्यों उड़ चले सहसा दिगन्त? पौष के इस...
पतझड़ में शाख से पत्ते जब टूट बिखर जाते हैं मौसम बहार आने पर भी फ़िर वापस शाख से जुड़...
इस हवा में लग रहा है, बर्फ मिश्रित है। कल तलक बरसात झेली, शीत की अब मार है। खेल मौसम...
फूल, पत्ती,जड़ और तना इन अंगों से वृक्ष बना किसी वृक्ष के फल बेहतर फूल किसी पर हैं सुंदर. इन...
जाड़ पूस के गजब जनाथे, जिवरा जाथे काँप। किनकिन किनकिन ठंडा पानी, लागे जइसे साँप। सुरुर सुरुर बड़ चले पवन...