April 24, 2026

आलेख

पुरुषोत्तम अग्रवाल को नामवरसिंह सम्मान

आज बेगूसराय, बिहार में, विप्लवी पुस्तकालय द्वारा पुरुषोत्तम अग्रवाल को नामवरसिंह सम्मान दिया जा रहा है। यह सम्मान हमारे लिए...

छत्तीसगढ़ को ज्ञानपीठ अर्थात् … उस ओझल होती मनुष्यता का सम्मान

है - जिसमें "हताशा से बैठ गए व्यक्ति" को पहचान कर "हाथ बढ़ाने वाली करुणा" भीगी दिखाई पड़ती है। "नमस्कार...

तुलसीदास का स्वप्न और आधुनिक भारत की विडंबना

भारत वार्ता के फरवरी अंक में भी पढ़िए - भक्ति आंदोलन की परवर्ती सगुण काव्यधारा की रामभक्ति शाखा के प्रतिनिधि...

“लोकरंग के संस्थापक कलाकार दीपक चंद्राकर के जन्म दिन पर” – रीतेश देवांगन की कलम से…..

तेल चूक गया आंधी आई लेकिन दीपक नही बुझा रे ...३ एैसा पथिक चला जीवन पथ पर कभी न हारा...

देस में निकला होगा चाँद ….

दूरदर्शन के अत्यंत लोकप्रिय धारावाहिक ' महाभारत' के पटकथा और संवाद लेखक डॉ. राही मासूम रजा को आज उनकी पुण्य...

छत्तीसगढ़ी कविताओं में होली

वसन्त ऋतु की मस्ती और मादकता की पराकाष्ठा को ही मैं होली मानता हूँ। धार्मिक मान्यताओं के साथ ही प्रकृति...

युगीन सच्चाई और सतर्कता की उद्घोषणा है ‘ठग अउ जग’

डॉ. मृणालिका ओझा लोक साहित्य को किसी भी अंचल की भाषा या सीमा में समेट कर नहीं रखा जा सकता।...

“अविभाजित दुर्ग जिले का साहित्यिक इतिहास”

(मेरे संकलन से - अरुण कुमार निगम) पं. दानेश्वर शर्मा का अध्यक्षीय भाषण : दिनांक : 21 जून 1962 संदर्भ...

छत्तीसगढ़ी जन-कवि – कोदूराम ”दलित”

लेखक - डॉ. हनुमंत नायडू { नवभारत टाइम्स , बम्बई (अब मुम्बई) दिनांक 03 मार्च 1968 से साभार } मध्य...

“छत्तीसगढ़ी कविताओं में वसंत”

(कल से लेकर आज तक) भारतवर्ष में तीन मुख्य ऋतुएँ ग्रीष्म, वर्षा और शीत होती हैं। चार उप-ऋतुएँ भी होती...