July 23, 2026

आलेख

बोली, बानी, अस्मिता और नागरिक बोध
के साथ खड़ा लेखक

- विनोद साव किसी नवगठित राज्य के लिए राजधानी की स्थापना के अतिरिक्त जो महत्वपूर्ण मुद्दे होते हैं; उनमें हैं...

साहित्य का नोबेल (2022) एनी एर्नो को

पियूष कुमार कई दशकों से फ्रांस और उसके बाहर नारीवाद की प्रतिमूर्ति से अब साहित्य की नोबेल विजेता बन चुकी...

जनकवि कोदूराम “दलित” जी के काव्य मा गाँधी बबा

आज हमर देश महात्मा गाँधी के 153 वाँ जनमदिन मनावत हे। संगेसंग दुनिया के आने देश में मा घलो बापू...

“चंदैनी-गोंदा की अदृश्य शक्ति”: श्रीमती राधा देवी देशमुख की 42 वीं पुण्यतिथि पर श्रद्धा-सुमन

चंदैनी गोंदा का नाम लेते ही अनेक नाम याद आने लगते हैं। संस्थापक दाऊ रामचंद्र देशमुख, गीतकार लक्ष्मण मस्तुरिया, रविशंकर...

30 सितंबर पद्मश्री पं. मुकुटधर पांडेय जी की जयंती के अवसर पर विशेष लेख : मुकुटधर पाण्डेय के काव्य की पृष्ठभूमि

डाँ० बलदेव पंडित मुकुटधर पाण्डेय संक्रमण काल के सबसे अधिक सामथ्यर्वान कवि हैं। वे व्दिवेदी-युग और छायावाद के बीच की...

चीते का नामीबिया के चीतों को खुला पत्र!

सबसे पहले सभी जन से हाथ जोड़कर माफी! माफी! माफी! जानता हूं,पत्र देर से लिख रहा हूं। क्या करूं, टाइम...

आधे-अधूरे : पूर्णता की तलाश बेमानी है

मोहन राकेश जी का यह नाटक अपने पहले मंचन(1969) से ही चर्चित रहा है.तब से अब तक अलग-अलग निर्देशकों और...

महारानी बड़ी या शंकराचार्य ?

जीवन का पहला शतक पूरा करने से कुछ महीने पहले ही द्वारिका पीठ के शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती अपनी इहलीला...

जीवन का विवेक ही साहित्य का विवेक है

मुक्तिबोध पुण्य तिथि पर आलोचक विनोद तिवारी मुक्तिबोध परिवार और साहित्य अकादमी छत्तीसगढ़ संस्कृति परिषद के व्याख्यान समारोह में आलोचक...

सारंगढ़ का “अंग्रेज़ का मंदिर” : यहां दफ़न है छत्तीसगढ में कदम रखने वाला पहला अंग्रेज़

डाॅ परिवेश मिश्रा ---------------------- शनिवार 12 सितम्बर सन् 1778 की सुबह। उस समय सारंगढ़ में राजा विश्वनाथ सिंह जी का...

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