April 24, 2026

आलेख

16 अगस्त हरि ठाकुर जी की जयंती के अवसर पर
विशेष: क्रांति प्रेम अउ श्रृंगार के कवि हरि ठाकुर

डाँ. बलदेव सुराज के बाद छत्तीसगढ़ के काव्य - कानन म जे कवि कोकिल मन के पहिली पहिली कंठ फूटिस...

“स्वतंत्रता आंदोलन में छत्तीसगढ़ी सुराजी काव्य और साहित्य का योगदान”

अंग्रेजों ने व्यापार करने के बहाने भारत की पुण्य धरा पर कदम रखे और अपने पैर पसारते गये। देश गुलाम...

‘आजादी का अमृत महोत्सव’ पर विशेष आलेख – आजादी का अमृत

स्वाधीनता की इच्छा मनुष्य की स्वाभाविक जीवनी शक्ति है। प्रत्येक समाज और राष्ट्र की अस्मिता स्वाधीनता बोध पर टिकी होती...

बिन ड्योढ़ी का घर : अस्मिता की तलाश और संघर्ष

सामंती जीवन मूल्यों में स्त्री की स्थिति द्वितीयक रही है।वहाँ स्त्रियों के अस्तित्व को सहज नहीं लिया जाता रहा।ऐसा समाज...

विशेष लेख : अन्नदेवी की पूजा का पर्व ’भोजली’

छत्तीसगढ़ में भोजली पर्व अच्छी फसल की कामना एवं मित्रता के प्रतीक पर्व के रूप में पूरे छत्तीसगढ़ विशेष कर...

युद्ध कोई लड़े, वह हमारे विरुद्ध है

-डाॅ. महेन्द्रकुमार जैन ‘मनुज’, इन्दौर जब युद्ध दो देशों के मध्य चल रहा होता है तब उससे अप्रभावित देशों की...

मेनलैण्ड का आदमी -समन्दर समन्दर

समन्दर पानी का नहीं बादलों का था। जंगल पेड़ों के नहीं बादलों के थे। दूर तक क्षितिज में जो पहाड़ों...

विशेष लेख : प्रकृति प्रेम एवं मित्रता का पर्व – भोजली

भोजली यानी ‘भो-जली‘ अर्थात भूमि में जल हो। हमारे छत्तीसगढ़ की महिलाएं गीतों के माध्यम से यही कामना करती हैं...