July 23, 2026

आलेख

85.1 सिनेमा हाल पर लिखी पहली किश्त के बाद आज पढ़िए यह दूसरी किश्त

शरद कोकास 85.1 सिनेमा हाल पर लिखी पहली किश्त के बाद आज पढ़िए यह दूसरी किश्त ...."थोड़ा सा देखने दो...

भोरमदेव मंदिर के निर्माता निर्धारण की समस्या

छत्तीसगढ़ के खजुराहो के रूप में प्रसिद्द भोरमदेव का मंदिर अपने स्थापत्य और प्राचीनता के कारण छत्तीसगढ़ के इतिहास में...

गंडई का भाड़ देऊर शिव मन्दिर

भोरमदेव क्षेत्र के फणि नागवंशियों के पुरातात्विक साक्ष्य समीपवर्ती क्षेत्रों में काफी दूर तक फैले हुए हैं। ये साक्ष्य मुख्यतः...

हमें गणतंत्र से आग नहीं, पुष्प की आशा रही है…

हमें गणतंत्र से आग नहीं, पुष्प की आशा रही है, लेकिन एक प्रति-नायक खलनायक इधर खूब चर्चित हुआ है, जिसका...

संगोष्ठी की रिपोर्ट:सुरेशचन्द्र शुक्ल की कहानी ‘लाश के वास्ते’ प्रेमचंद की कफ़न की परंपरा की कहानी है – प्रो. शैलेन्द्र कुमार शर्मा

नार्वे से डिजिटल संगोष्ठी में प्रवासी साहित्यकार सुरेशचन्द्र शुक्ल 'शरद आलोक की कहानी 'लाश के वास्ते का पाठ, परिचर्चा और...

कैलेंडर की काया में कविता पोस्टर

ईश्वर सिंह दोस्त रंगकर्मी और चित्रकार अरुण काठोटे के बनाए कविता पोस्टरों का एक शानदार कैलेंडर जारी हुआ है। इसे...

ईंट निर्मित लक्ष्मण मंदिर सिरपुर

छत्तीसगढ़ के इतिहास में सिरपुर का विशिष्ट स्थान है। यहां जितने व्यापक स्तर पर पुरातत्विक अवशेष प्राप्त हुए हैं, अन्यत्र...

हरमो का सतखंडा महल : भोरमदेव क्षेत्र

भोरमदेव क्षेत्र में फणिनागवंश का शासन भोरमदेव मंदिर के कारण प्रसिद्ध है.लेकिन कोई भी साम्राज्य चाहे कितना ही छोटा क्यों...

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