बदलाव
अजीत समाचार जालंधर 01-12-2024 में कहानी " बदलाव " और लघुकथा " यादें " (1)कहानी बदलाव " मयंक आ रहा...
अजीत समाचार जालंधर 01-12-2024 में कहानी " बदलाव " और लघुकथा " यादें " (1)कहानी बदलाव " मयंक आ रहा...
दुलरुआ कोन्दा भैरा के गोठ-- एक नवा उदिम --डॉ. सत्यभामा आड़िल सोशल मिडिया के कतकोन ग्रुप म अपन झलक देखावत...
कविताएँ दो कौड़ी की बकवास होती हैं जब तक उन्हें तोड़ न दिया जाय जैसे किसी घोड़े, किसी कुत्ते की...
सुनो तोला तो था तुम्हारी आँखों ने- मेरे रूप रंग को,,, तुम्हारे जेह्न ने- मेरी तालीम को,,, तुम्हारे 'क़ल्ब', 'अक़्ल'...
उन कीड़ों का कोई जिक्र नहीं जिन्होंने भूख मिटाने के लिए बांसों में छेद कर दिए थे.. और जब-जब हवा...
उन कीड़ों का कोई जिक्र नहीं जिन्होंने भूख मिटाने के लिए बांसों में छेद कर दिए थे.. और जब-जब हवा...