द्रवीभूत प्रार्थना
ईश्वर, मुझे और द्रवीभूत करो— इतना पारभासी कि मुझमें झाँकने वाली हर कुटिल आँख, परछाईं नहीं, अपना वास्तविक चेहरा देख...
ईश्वर, मुझे और द्रवीभूत करो— इतना पारभासी कि मुझमें झाँकने वाली हर कुटिल आँख, परछाईं नहीं, अपना वास्तविक चेहरा देख...
डकैतों और अपराधियों के एनकाउंटर की कहानियां तो आपने बहुत सुनी होंगी लेकिन क्या आपको पता है मध्यप्रदेश में एक...
भारतीय भाषा परिषद कोलकाता द्वारा इस वर्ष हिंदी के वरिष्ठ कवि श्री नरेश सक्सेना को हिंदी कर्तृत्व समग्र सम्मान तथा...
रचनाकार: डॉ. निवेदिता बांदिल दिनांक: 11/04/2026 मैने अभी कुछ कहा भी नहीं था कि तुम समझ लेते हो, मैने अभी...
रायपुर। राज्यपाल रमेन डेका ने शनिवार को कुनकुरी विकासखंड के बेहराखार ग्राम का दौरा कर विशेष पिछड़ी जनजाति बिरहोर समुदाय...
कवि के भीतर एकाएक कुछ सुगबुगाया। वह कविता जैसा कुछ-कुछ था, जो अभी पूरी तरह आकार नहीं ले पाया था।...
ग़ज़ल बड़े बड़ों को ये शायद पता नहीं होता किसी को मार के कोई बड़ा नहीं होता ---------- पुकारो दिल...
नक्सलमुक्त छत्तीसगढ़: सरेंडर, सियासत और विकास की असली परीक्षा अब शुरू ---------------------- - सरेंडर के बाद भी माओवादी विचारधारा जिंदा...
घाटलोहंगा में सेवा का संगम: स्काउट्स-गाइड्स और NSS ने पेश की मानवता की मिसाल बस्तर की भौगोलिक विषमताओं और कठिन...
आज विश्व रंगमंच दिवस है. जेहन में एक बार फिर चंदैनी-गोंदा की स्मृतियाँ ताजा हो गईं। सत्तर के दशक की...