March 6, 2026

डॉ. विजय कुमार गुप्ता के छंद कथा समय यथा लोकार्पण समारोह संपन्न

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डा विजय गुप्ता मुन्ना के छठवें काव्य संग्रह का लोकार्पण कार्यक्रम 29 जून को ज्येष्ठ नागरिक संघ के भवन आशीर्वाद हाल में अति गरिमाशाली रूप में संपन्न हुआ। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि दुर्ग नगर निगम महापौर श्रीमती अलका बाघमार जी ने काव्य संग्रह कार्यक्रम में पूरा मूल्यवान समय समर्पित किया। अध्यक्षता कर रहे श्री गिरीश पंकज, विशेष अतिथि श्री सुधीर शर्मा, विशेष अतिथि श्री चिरंजीव जैन, छंद कथा_समय यथा संग्रह के समीक्षक श्री शिवनाथ शुक्ल, एवं कवि डॉ विजय गुप्ता जी द्वारा सरस्वती पूजन वंदन से कार्यक्रम प्रारंभ हुआ।
विषय प्रवर्तक एवं मंच संचालक श्री सुधीर शर्मा ने कहा कि वर्तमान काल के विभिन्न क्षेत्रों के लोग, आसपास की वस्तुएं तथा वातावरण का सकारात्मक प्रभाव संस्कृति और समाज के उत्थान की दिशा में काव्य रचनाएं करने में डा विजय गुप्ता की विशेष शैली है। छंद कथा_ समय यथा काव्य संग्रह में सभी कविताएं छंद बद्ध हैं। जिनमें मुक्तक, कुंडलियां, मुक्तामणि छंद, घनाक्षरी छंद समाहित हैं।
कवि डॉ विजय गुप्ता का जीवन परिचय श्री प्रफुल्ल संचेती जी द्वारा रोचक स्वरूप में दिया गया। डा विजय गुप्ता के गुरुजी स्वामी यज्ञानंद ब्रम्हचारी जी के आशीर्वचन पश्चात कवि विजय गुप्ता ने अपनी कुछ काव्य प्रस्तुतियों से जन समुदाय को छंद बद्ध रचनाओं से स्तंभित किया।
विशेष अतिथि श्री चिरंजीव जैन ने अपने उद्बोधन में कहा, डा विजय गुप्ता एक साथ उद्योग जगत में खुद की फैक्ट्री विजय इंडस्ट्रीज का संचालन, जेसी इंटरनेशनल के राष्ट्रीय प्रशिक्षक, और कविता सृजन सहित तीन क्षेत्रों में सतत क्रियाशील हैं। आपने कहा डा विजय गुप्ता ने अपने जीवन में कविताओं के साथ समय को भी साध लिया है।
संग्रह समीक्षक श्री शिवनाथ शुक्ल जी ने बताया कि, डॉ विजय गुप्ता की रचनाओं में भाव पक्ष अत्यंत प्रबल है। आज के समय में समाज और संस्कृति का अंत होते जा रहा है। आपकी कविताएं नए समाज का निर्माण करने में सक्षम हैं। संग्रह में समाहित बोली की रंगोली काव्य के माध्यम से प्रसिद्ध आदि कालीन कवियों की रचनाओं द्वारा तुलनात्मक समीक्षा की ।
मुख्य अतिथि महापौर जी का जीवन परिचय श्रीमती शशिप्रभा गुप्ता ने प्रस्तुत किया। मुख्य अतिथि के सारगर्भित उद्बोधन में कहा गया कि वर्तमान में सामाजिक खतरे की संभावना दिख रही है। आज के माता पिता एवं बच्चों के साथ पनपते खतरनाक रिश्तों का चित्रण भी किया। माता पिता बच्चों को पढ़ा तो पा रहे हैं, परंतु संस्कार नहीं दे पा रहे हैं। वर्तमान पीढ़ी की मोबाइल से कुछ तो दूरी होना चाहिए, जहां आत्मीय रिश्ता भी पनप सके। इन विषयों पर भी काव्य लेखन हेतु प्रेरित किया गया ।
कार्यक्रम अध्यक्ष श्री गिरीश पंकज जी ने अपना वक्तव्य महान कवि कालिदास और तुलसीदास जी की रामायण और रामचरितमानस के महाग्रंथों का जिक्र किया। विपरीत स्वभाव के व्यक्ति द्वारा सकारात्मक सोच ग्रहण कर लेने से काव्यधारा के प्रति भाव और महत्व दुनिया ने देखा है। आपने कहा कि साधना का दौर तो देख ही रहे हैं, परंतु अब लोगों को साधने का भी दौर है।काव्य अनुशासन से रचा जाता है। वर्तमान में जब छंदों में लेखन लुप्तप्राय हो चुका है तब डॉ विजय गुप्ता इस शैली में रचना कर रहे हैं और अपनी काव्य छटा बिखेर है। परंतु साथ ही साथ कुछ लोगों के समकालीन लेखन के प्रति पीड़ा भी व्यक्त की। आपने ये विचार भी प्रस्तुत किया, कि समय को परखा जाए, छंदों में ढाला जाए तो रचनाएं लंबे समय तक चलती हैं। कविता साधना नहीं फैशन भी बनता जा रहा है। कविता सीखने से नहीं आती वरन अंतः धारा की सहज अभिव्यक्ति होती है।
सभी अतिथियों को शॉल श्रीफल एवं स्मृति चिन्ह द्वारा सम्मानित किया गया। प्रकाशक के द्वारा डॉ विजय गुप्ता को अभिनंदन पत्र, श्रीफल एवं शॉल द्वारा सम्मानित किया गया। कार्यक्रम एवं संग्रह प्रकाशन में विशेष सहयोग हेतु श्री प्रफुल्ल संचेती, शशिप्रभा गुप्ता, राजदीप गुप्ता, नवेद रजा दुर्गवी,श्री विमलेश बहादुर माथुर, श्री चंद्र शेखर पांडे, स्वदेश 24X 7 चैनल के श्री कैलाश बरमेचा, श्रीमती सरिता प्रमेंद्र चंद्रा को मुख्य अतिथि के करकमलों से स्मृति चिन्ह प्रदान किया गया।
श्री सुधीर शर्मा ने आमंत्रितों का आभार प्रकट किया। छत्तीसगढ़ के महान हास्य व्यंग्य कवि दिवंगत सुरेंद्र दुबे के लिए दो मिनट के मौन द्वारा श्रंद्धाजलि दी गई। सभा समाप्ति के पश्चात सभी आमंत्रितों को छंद कथा_समय यथा काव्य संग्रह भेंट किया गया। शहर के बहुत से गणमान्य,नागरिक,साहित्यकार, संस्था समाज पदाधिकारी, मीडिया चैनल वालों ने कार्यक्रम शोभा बधाई एवं सफल बनाया। इस अवसर पर स्वदेश 24X 7 चैनल से संचालक श्री कैलाश बरमेचा जी, दीपमाला सिन्हा एवं उनकी टीम ने श्री मति अलका बाघमार एवं डॉ विजय गुप्ता का इंटरव्यू लिया। समारोह में श्री प्रफुल्ल संचेती, श्री रौनक जमाल, श्री ओसवाल जी,श्री विनोद अग्रवाल, डॉ बीना सिंह रागी, श्री दशरथ सिंह भुवाल, श्री एन के बोकाडे, सीए प्रवीण बाफना, श्री विजय बरसैंया, श्री उमेश चितलांगिया, श्री नरेंद्र देवांगन, श्री राजकुमार आर्य, श्री विजय प्रताप कश्यप, श्री राकेश रूसिया, श्री लालचंद जैन, श्री अनूप गटागट, श्री संजय चौबे, श्रीमती मीना बिचपुरिया,श्रीमती माधुरी गुप्ता, श्रीमती माया गुप्ता, श्री महेश तिवारी, श्री ऋषभ जैन, डॉ संजय दानी, श्री नवीन दिल्लीवार, डॉ संध्या श्रीवास्तव, श्री ओमप्रकाश गुप्ता, श्री नीरज खरिया , श्री सृजन कसार, श्री एस के खरिया, श्री रवि तिवारी, डा संतोष राय, श्री प्रतीक पाटनी, श्री निर्मल शर्मा, श्री सुशील ताम्रकार,श्री अविनाश सिंह गुप्ता, श्री वीरेंद्र कनकने, श्रीमती ज्योत्सना गुप्ता, श्री सुभाष सेठी, श्री कैलाशपति अग्रवाल, श्री सुशील बाकलीवाल, श्री नावेद रजा दुर्गवी, श्री योगेश्वर चांडक, श्री चंद्र शेखर पांडे, श्रीमती नीलम जायसवाल, श्रीमती रीना इटौंदया, ,श्री अरविंद सिंह राजपूत, श्रीमती सरिता चंद्रा, श्री प्रमेंद्र चंद्रा, श्री प्रवीण तिवारी गणमान्य जनों ने उपस्थिति से समारोह को भव्य और सफल बनाया। विमोचन हेतु अनेक मित्रों द्वारा बुके से डॉ विजय गुप्ता का सम्मान भी किया गया।
प्रेस विज्ञप्ति डॉ विजय कुमार गुप्ता ’मुन्ना के द्वारा प्रदान की गई।

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