आदमियों के जंगल में सांप की मौत
(हास्य व्यंग्य) -सुरेश सौरभ सांपों के जंगल में एक सभा चल रही थी। एक सांपिन फूट-फूट कर रोए जा रही...
(हास्य व्यंग्य) -सुरेश सौरभ सांपों के जंगल में एक सभा चल रही थी। एक सांपिन फूट-फूट कर रोए जा रही...
डॉ. शैलेश शुक्ला आशियाना, लखनऊ, उत्तर प्रदेश PoetShaielsh@gmail.com, 8759411563 कहते हैं कि इंसान की असली काबिलियत तब नजर आती है...
प्रख्यात व्यंग्यकार, अप्रतिम कवि पद्मश्री सुरेन्द्र दुबे जी के निधन का समाचार स्तब्ध और शोकाकुल करने वाला है। उनकी लेखनी...
डा विजय गुप्ता मुन्ना के छठवें काव्य संग्रह का लोकार्पण कार्यक्रम 29 जून को ज्येष्ठ नागरिक संघ के भवन आशीर्वाद...
एक निराकार झंकृति इन दिनों हवा में तैर रही है। घटना अमूर्त है और बिना ठोस मानवीय आकार के सर्वत्र...
लोकतंत्र केवल एक शासन प्रणाली नहीं, बल्कि जीवन जीने की एक पद्धति है। आज हम लोकतंत्र की फिजा में जिस...
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने पद्मश्री डॉ. सुरेंद्र दुबे के निवास पर पहुंचकर उनके पार्थिव शरीर पर पुष्पांजलि अर्पित...
(वर्तमान के सच से मुखातिब कवि चंद्रेश्वर) चन्द्रेश्वर का कविता संग्रह 'सामने से मेरे' हमारे समक्ष है। चंद्रेश्वर सरल-सीधे देखने...
सच,आसान नहीं होता है एक शादीशुदा आदमी से इश्क़ करना। क्योंकि इश्क़ सिर्फ़ उस आदमी से नहीं होगा, तुम्हें प्यार...
स्त्रियों, सहेजना उन पुरुषों को, जिन्होंने प्रेम किया, पर नहीं लिखा अपने साथ, दीवारों पर तुम्हारा नाम, जिन्होंने प्रेम की...