नरेश सक्सेना और दिव्या विजय को खूब सारी बधाई
भारतीय भाषा परिषद कोलकाता द्वारा इस वर्ष हिंदी के वरिष्ठ कवि श्री नरेश सक्सेना को हिंदी कर्तृत्व समग्र सम्मान तथा युवा लेखिका दिव्या विजय को युवा पुरस्कार की घोषणा की गई है । हिंदी साहित्य जगत के लिए यह एक खुशखबरी है।
वरिष्ठ कवि नरेश सक्सेना अपनी असाधारण कविताओं के लिए जाने जाते हैं। ’समुद्र में हो रही है बारिश’ , ’सुनो चारूशीला’ तथा ’एक अनाम पत्ती का स्मारक’ उनके प्रमुख काव्य संग्रह हैं। फिलहाल नरेश जी हिंदी के वरिष्ठ कवि तथा अपने मित्र विनोद कुमार शुक्ल पर अपनी डॉक्यूमेंट्री फिल्म की एडिटिंग में लगे हुए हैं। काव्य संग्रह ’चंबल एक नदी का नाम’, एक कहानी संग्रह, उपन्यास और आत्मकथा भी अभी प्रकाशन की प्रक्रिया में है ।
नरेश सक्सेना को हम सबकी ओर से हार्दिक बधाई और ढेर सारी शुभकामनाएं ।
दिव्या विजय अपनी तरह की एक अलग और असाधारण लेखिका हैं। उनकी कहानियों की अंतर्वस्तु , शिल्प और भाषा समकालीन हिंदी कहानी में अपना एक अलग स्थान रखती हैं । दिव्या विजय के दो कहानी संग्रह प्रकाशित हैं ’अलगोजे की धुन पर’ तथा ’सगबग मन’। पिछले वर्ष उनकी डायरी ’दराजों में बंद जिंदगी’ भी प्रकाशित हुई है।
हमारे समय की इस बेहद प्रतिभाशाली लेखिका दिव्या विजय को युवा पुरस्कार के लिए खूब सारी बधाई और शुभकामनाएं।