April 4, 2025

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क्यूँ ही देखी भाली दुनिया

क्यूँ ही देखी भाली दुनिया है कितनी जंजाली दुनिया बेसुध सा कर के रखती है ख़ुसरो की क़व्वाली दुनिया अपना...

“उनके अंधकार में उजास है”

अंग्रेज़ी के प्रसिद्ध कवि मिल्टन के अनुसार कविता सादी, जोश से भरी और असलियत के निकट होनी चाहिए। ये तीनों...

फिल्म समीक्षा : वनवास: डर का दोहन या एक नई बात ?

हर पीढ़ी पुरानी होती है और नई पीढ़ी आती है,यह प्राकृतिक है। पुराना पौधा, वृक्ष बनता है, मुरझाता है और...

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हास्य और व्यंग्य के महारथी (पद्म श्री) डॉ. सुरेन्द्र दुबे

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