लोक-संवेदना, संघर्ष और सांस्कृतिक चेतना के कवि – डॉ. जीवन यदु
- डुमन लाल ध्रुव कविता जब केवल सौंदर्य का अनुशासन न रहकर समाज की चेतना का दस्तावेज बन जाती है...
- डुमन लाल ध्रुव कविता जब केवल सौंदर्य का अनुशासन न रहकर समाज की चेतना का दस्तावेज बन जाती है...
उनके छत्तीसगढ़ी काव्य संकलन तपत कुरु भइ तपत कुरु" में प्रकाशित आत्म-कथ्य के कुछ महत्वपूर्ण अंश…… दानेश्वर शर्मा - मेरी...
संस्कृत और ए आइ भारत में एनएलपी अनुसंधान के अग्रणी प्रोफेसर विनीत चैतन्य का आज 31 जनवरी को निधन हो...
मसक्वा।हिंदी के प्रसिद्ध कथाकार एवम संपादक हरि भटनागर को रूस का मिख़अईल शोलअख़फ़ सम्मान देने की घोषणा की गई है।...
पढ़कर -लिखकर आगे बढ़कर उन्नति की मैं, चोटी चढ़कर राष्ट्र का अरमान बनूँगा। बाबा मैं इंसान बनूँगा। नहीं बनूँगा डाॅक्टर...
लोकप्रिय कवि दानेश्वर शर्मा डाँ.बलदेव अपारे काव्य संसारे कविरेकः प्रजापतिः यथास्मै रोचते विश्वं तथेदवं परिवर्तते । अग्नि पुरान के ये...
नज़र कमज़ोर हो गई... दूर का नहीं दीखता साफ मन पटल पर कुछ दृश्य धुंधलाए से हैं नज़र कमज़ोर हो...
तुम्हारी यादों की लहलहाती फसल में बिजूका सी खड़ी थी मैं अपनी सघन अनुभूतियों की पकी फसल के साथ उस...
वासंती संदली बयार बही मेरु पर्वत दीप्त हुआ तुम मिली तो, ठूंठ पर दो कोमल हरे पत्ते निकल आए रेत...
छत्तीसगढ़ में लोरिक-चंदा की लोकगाथा लगभग हर किसी ने सुनी है। इस गाथा में गढ़गौरा यानी आज के आरंग की...