पूस के जाड़-सरसी छंद
जाड़ पूस के गजब जनाथे, जिवरा जाथे काँप। किनकिन किनकिन ठंडा पानी, लागे जइसे साँप। सुरुर सुरुर बड़ चले पवन...
जाड़ पूस के गजब जनाथे, जिवरा जाथे काँप। किनकिन किनकिन ठंडा पानी, लागे जइसे साँप। सुरुर सुरुर बड़ चले पवन...
इक दिन हम सब लोग मिलेंगे मिट्टी में । लेकिन मिलकर हमीं खिलेंगे मिट्टी में ।। मिट्टी है अनमोल,इसे उर्वर...
जज़्बात ग़ज़ल संग्रह से कौन है जो बुरा नहीं होता, शख़्स कोई ख़ुदा नहीं होता। बात कुछ तो ज़रूर होगी...
व्यंग्य रचना : नई पीढ़ी बिगड़ गई है । डॉ किशोर अग्रवाल किनकिनाती ठंड में कांपते गजोधर को बड़ी राहत...
आज और कुछ देर यूँ ही शोर मचाए रखिए। आसमाँ है तो उसे सर पर उठाये रखिए। उँगलियाँ गर नहीं...
राजी सेठ आज इस संसार से विदा हो गयीं... चुपचाप... बहुत मिलना चाहा...मिलना संभव नहीं हुआ... पहले वो जब भी...
( आलेख : स्वराज करुण ) छत्तीसगढ़ के सामाजिक ,सांस्कृतिक साहित्यिक और राजनीतिक इतिहास पर लोग आज जो कुछ भी...
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने मंत्रालय महानदी भवन में छत्तीसगढ़ अंजोर विजन 2047 के तहत शिक्षा विभाग के लक्ष्यों...
आप भी हुज़ूर औघड़ हो और मामूली औघड़ नहीं, पूरे सिद्ध औघड़। हम लोग गोरखपुर गए थे फिर वहाँ से...
अब हमर बीच गहुँरात खाई रथे। रंज राखे इहाँ चार भाई रथे। आदमीपन लुकागे हवे देश मा। काँगरेसी रथे भाजपाई...