April 28, 2026

Chhattisgarh Mitra

“साहित्यिक पत्रिकाएं बंद होने के कगार पर हैं, यह चिंतनीय है”

डॉ विनोद टीबड़ेवाला अंतर्राष्ट्रीय विश्व मैत्री मंच के द्वारा आयोजित हिंदी दिवस के उपलक्ष में संपर्क भाषा के रूप में...

‘जीवन सँभालने के लिए गाँधी विचार’ शृंखला का आयोजन

(27 सितंबर से 02 अक्टूबर 2021 तक) अपने साथ एक पूरे युग को लेकर चलनेवाले गाँधी, अपने जीवन में सहजता,...

तीसरी कसम : न कोई इस पार हमारा, न कोई उस पार

रेणु की चर्चित कहानी 'तीसरी कसम उर्फ़ मारे गए गुलफ़ाम' पर आधारित फ़िल्म 'तीसरी कसम'(1966) की काफ़ी चर्चा होती रही...

आधे-अधूरे : पूर्णता की तलाश बेमानी है

मोहन राकेश जी का यह नाटक अपने पहले मंचन(1969) से ही चर्चित रहा है.तब से अब तक अलग-अलग निर्देशकों और...