March 5, 2026

सिनेमा

जीवन के तमाम पहलुओं पर बात करता संग्रह:- मज्बूरियाँ मेरी

- सोनिया वर्मा शायरी का पेशे से कुछ लेना-देना नही होता है। एक शायर जीवन-यापन के लिए कुछ भी कर...

फिल्म कटहल :हंसी मज़ाक के कानून व्यवस्था पर …

निदेशक श्री यशोवर्धन मिश्रा निर्माता श्रीमती शोभा कपूर और सुश्री एकता कपूर , पट - लेखक श्री अशोक मिश्रा जी...

पुस्तक समीक्षक : “एक अनुजा”

पुस्तक समीक्षक : अतुल्य खरे समीक्षित पुस्तक : एक अनुजा लेखिका : नीलम जैन प्रकाशक : राजमंगल प्रकाशन “एक अनुजा”...

पुस्तक समीक्षा – वे लोग

पुस्तक समीक्षा – द्वारा अतुल्य खरे पुस्तक- वे लोग लेखिका – सुमति सक्सेना लाल प्रकाशक – वाणी प्रकाशन सुरुचिपूर्ण स्वस्थ...

प्रेम गीतों के गहन साधक आनंद बक्शी

किताब समीक्षा 0 रमेश कुमार ‘रिपु’ अच्छे नग्में लिखने का कोई मौसम नहीं होता। कोरे कागज पर जज्बात के उतर...

फ़िल्म ‘आस्था’ और बाज़ार के द्वंद्व

मनुष्य के सामाजिक जीवन का चुनाव का एक दीर्घकालीन अनुभव का प्रतिफल रहा है।पशु तक एकाकी जीवन मे असुरक्षित रहते...

फ़िल्म ‘स्वामी’ : बासु चटर्जी (1977)

मनुष्य का जीवन द्वंद्वों से घिरा होता है।इन द्वंद्वों से मुक्ति बहुधा आसान नहीं होतीं। हमारे बहुत से निर्णय परिस्थिति...

कवि बसंत त्रिपाठी का चौथा काव्य संग्रह ‘नागरिक समाज’

'मौजूदा हालात को देखते हुए' 'सहसा कुछ नहीं होता' 'उत्सव की समाप्ति के बाद' ये तीन काव्य संग्रह के बाद...

‘घरौंदा’ को दर्शकों ने जमकर सराहा

के डी फिल्म्स के बेनर तले बनी एवं राजा खान द्वारा निर्देशित छत्तीसगढी फिल्म घरौंदा शुक्रवार को रायपुर के श्याम...