April 3, 2025

सिनेमा

पुस्तक समीक्षा – वे लोग

पुस्तक समीक्षा – द्वारा अतुल्य खरे पुस्तक- वे लोग लेखिका – सुमति सक्सेना लाल प्रकाशक – वाणी प्रकाशन सुरुचिपूर्ण स्वस्थ...

प्रेम गीतों के गहन साधक आनंद बक्शी

किताब समीक्षा 0 रमेश कुमार ‘रिपु’ अच्छे नग्में लिखने का कोई मौसम नहीं होता। कोरे कागज पर जज्बात के उतर...

फ़िल्म ‘आस्था’ और बाज़ार के द्वंद्व

मनुष्य के सामाजिक जीवन का चुनाव का एक दीर्घकालीन अनुभव का प्रतिफल रहा है।पशु तक एकाकी जीवन मे असुरक्षित रहते...

फ़िल्म ‘स्वामी’ : बासु चटर्जी (1977)

मनुष्य का जीवन द्वंद्वों से घिरा होता है।इन द्वंद्वों से मुक्ति बहुधा आसान नहीं होतीं। हमारे बहुत से निर्णय परिस्थिति...

कवि बसंत त्रिपाठी का चौथा काव्य संग्रह ‘नागरिक समाज’

'मौजूदा हालात को देखते हुए' 'सहसा कुछ नहीं होता' 'उत्सव की समाप्ति के बाद' ये तीन काव्य संग्रह के बाद...

‘घरौंदा’ को दर्शकों ने जमकर सराहा

के डी फिल्म्स के बेनर तले बनी एवं राजा खान द्वारा निर्देशित छत्तीसगढी फिल्म घरौंदा शुक्रवार को रायपुर के श्याम...

समीक्षा : प्रेम की 57 कविताएँ

रचनाकार: प्रेमसिंह राजावत 'प्रेम' विधा: काव्य प्रकाशक: राष्ट्रभाषा प्रिंटिंग प्रेस (आगरा) मूल्य: 150/- पृष्ठ: 72 कविता कवि के मनभावों को...

फ़िल्म ‘सूत्रधार’ : चंद्रकांत जोशी (1987)

सामंतवाद ने ग्रामीण लोकजीवन को अभी हाल तक इस कदर जकड़ा था कि छोटे-छोटे ज़मीदार ही वहां के 'भाग्य-विधाता' हुआ...

समीक्षा नहीं, एक दर्शक की प्रतिक्रिया, नाटक ‘सम्राट अशोक’ मंच पर

विनोद रस्तोगी जन्मशती वर्ष के अवसर पर संस्कृति मंत्रालय नई दिल्ली के सहयोग से विनोद रस्तोगी स्मृति संस्थान द्वारा आयोजित...