April 24, 2026

साहित्य

अक्षरों से संवादरत विजय राठौर…..

डा.चित्तरंजन कर बुदबुदाते हैं " कविता मनुष्य चेतना की शिखर यात्रा है।" जीवन भले ही तिमिरावृत हो । " रात...

साहित्य महर्षि लाला जगदलपुरी की आज 105वीं जयंती

तिरानवे साल की ज़िन्दगी में 77साल की साहित्य -साधना *** (आलेख - स्वराज करुण ) जिन्होंने 93 साल की अपनी...

एक पुरानी मेरी अपनी सबसे पसंदीदा ग़ज़ल

जज़्बात ग़ज़ल संग्रह से कौन है जो बुरा नहीं होता, शख़्स कोई ख़ुदा नहीं होता। बात कुछ तो ज़रूर होगी...

दैनिक नवप्रदेश में आज छपी मेरी व्यंग्य रचना “नई पीढी बिगड़ गई है”

व्यंग्य रचना : नई पीढ़ी बिगड़ गई है । डॉ किशोर अग्रवाल किनकिनाती ठंड में कांपते गजोधर को बड़ी राहत...

राजी सेठ आज इस संसार से विदा हो गयीं…

राजी सेठ आज इस संसार से विदा हो गयीं... चुपचाप... बहुत मिलना चाहा...मिलना संभव नहीं हुआ... पहले वो जब भी...