October 22, 2026

साहित्य

‘दंडनायक’ की कहानियों में समाज का यथार्थ चित्रण

                          उमाकांत खुबालकर के सद्यःप्रकाशित कहानी संग्रह ‘दंडनायक’ से गुजरना एक अनुभव संसार से गुजरना है। आज के साहित्यकारों में उमाकांत खुबालकर एक...

स्मृतियों की गठरी – एक थी बबिता

बात अक्टूबर 2003 की है| रायपुर में मेरा सपनों का घर तैयार हुआ और मैंने अक्टूबर मध्य में गृहप्रवेश किया|...

यामिनी गुप्ता की दो कविताएं

पिघलती भट्टियां~~~~ कोरोना कर्फ्यू ‼️और _सड़कों पर पसरा सन्नाटाबेलगाम होता कोरोना संक्रमण ,रातों में भी सुलगते मोक्षधामएंबुलेंस के सायरन से...

ईद पर माधुरी कर का विशेष लेख

ईश्वर अल्लाह तेरो¨ नामसबको सन्मति दे भगवान मेरी जिंदगी मुझसे हिसाब मांगे, खुदा की दी यह अमानत पल-पल का खिताब...

सिनेमा, क्रिकेट और राजनीति पर पैनी दृष्टि

मित्रों,एक बात मेरी समझ में कभी नहीं आई किये फिल्म अभिनेता (या अभिनेत्री) ऐसा क्या करते हैं कि इनको एक...

जुझारू योद्धा पत्रकार थे पटेरिया

स्मृति शेष / श्री शिवअनुराग पटेरिया आंचलिक पत्रकारिता के जुझारू हस्ताक्षर विजयदत्त श्रीधर उन्नीस सौ अस्सी के दशक की शुरुआत...

सच्ची सेवा का वक्त है महात्मनों !

हे सभी धर्मों के वीतरागियों ,महानुभावों !परहित और मनुष्यता को हीधर्म का मूल मानने वालों !उपदेश देकरसेवा का पुण्य फल...

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