एक नई ग़ज़ल
वफा का बोझ अब ढोना नहीं है किसी का भी हमें होना नहीं है समझ में आ गई तासीर तेरी...
वफा का बोझ अब ढोना नहीं है किसी का भी हमें होना नहीं है समझ में आ गई तासीर तेरी...
भारत में संतों की कमी कभी नहीं रही। कोई जंगल चला गया, कोई हिमालय में बैठ गया, किसी ने शास्त्र...
दुनिया के तीन बड़े अकादमिक प्रकाशकों ने एक छोटी-सी फोटोकॉपी की दुकान पर मुकदमा कर दिया। वह दुकान दिल्ली की...
जिसको जितनी चाहत है उसको उतनी ही लत है तुझे मिला या मुझे मिला अपनी-अपनी किस्मत है मंज़िल कब मिलती...
राखी क्यों जरूरी है सुनो मेरे यार, ये ही तो है भारत का सच्चा संस्कार। एक धागे में बंधा है...
प्रेम से जो सदा जलती,मैं वह ही रोसनाई हूं। दिखाए आंख जो टेढ़ी,मैं उनके हित कसाई हूं।। समूचे विश्व की...
असगर अली इंजीनियर स्मृति व्याख्यान! (भाग 2) प्रमुख इतिहासकार, विचारक और लेखक रामचंद्र गुहा से पूछा गया कि क्या गांधी...
आज देश के हालात देख के एक बात समझ मा नइ आवत हे—सरकार के नीति बनथे जनता बर, किसान बर...
'चीनी कम' बहुत पहले एक फ़िल्म आई थी पर स्क्रिप्ट तो लगता है आज के बजट के लिए लिखी गई...
रेशम की नाज़ुक-सी डोरी, जिसमें लिपटा बहन का प्यार, खुशियाँ लेकर देखो आया, राखी का पावन त्योहार। बहना के मन...