October 22, 2026

साहित्य

धर्मेन्द्र को याद करते हुए:

वे मेरे मिडिल स्कूल के प्यारे प्यारे दिन थे. जब फिल्मों के धर्मेन्द्र से अंजान था. तब तक शम्मीकपूर और...

शहीदी दिवस : गुरु तेग बहादुरजी को शत-शत नमन!!

कायदे से तो आज का दिन राष्ट्रीय शोक दिवस के रूप में मनाया जाना चाहिए। क्योंकि आज ही के दिन...

नई पीढ़ी से मेरी ये गुज़ारिश है

न महलों की बुलंदी से न लफ़्ज़ों के नगीने से। तमद्दुन में निखार आता है घीसू के पसीने से। कि...

मातृभाषा एक अनसुना रेडियो-स्टेशन है

मातृभाषा वह धूप है, जो घर की देहरी पर कभी नहीं पड़ती - क्योंकि वह स्वयं ही घर के भीतर...

श्रेष्ठता का उपनिवेश सबसे ख़तरनाक

कभी-कभी मुझे लगता है : महानता एक छोटा-सा महाद्वीप है—अभी-अभी खोजा गया, पर जिस पर झंडे बहुत पहले से गड़े...

देह कुठरिया (उपन्यास )

पाठ - तेरह लेखिका – जया जादवानी सेतु प्रकाशन ( २०२१ ) प्रथम संस्करण ------------------------------- यह सिर्फ एक पाठकीय प्रतिक्रिया...

” छत्तीसगढ़ के महान रंगकर्मी और अभिनेता श्री शिवकुमार “दीपक” की 92 वीं जयंती पर स्मरणांजलि”

वारे मोर पंडकी मैना, तोर कजरेरी नैना मिरगिन कस रेंगना तोर नैना मारे वो चोखी बान, हाय रे तोर नैना...

गद्य में स्थानीयता और वैश्विकता की कविता

ख्यात कथाकार हरिसुमन बिष्ट का उपन्यास हवाओं में घिरा आदमी हिंदी साहित्य में एक अनूठी रचना है, जो भूटान की...

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