October 21, 2026

साहित्य

‘उसके हिस्से का’ कविता संग्रह– समकालीन विसंगतियों को बाॅंचती पोखन लाल जायसवाल की कविताएं

'रोटी की परिधि आज भी वही है /किंतु /भूख का क्षेत्रफल बढ़ता जा रहा है लगातार।' सुपरिचित कवि,समीक्षक और साहित्यकार...

छत्तीसगढ़ का वह रहस्यमयी ‘किसबिन मेला’

जिसकी गूंज विधानसभा से लेकर दिल्ली-बंबई तक पहुंची थी। ( गोकुल सोनी ) साथियों, मेले तो आपने बहुत देखे होंगे,...

“धरती की सतह पर” – अदम गोंडवी की वो आवाज़ जो आज भी गूंजती है

लेखक: दिलीप कुमार सिंह उर्फ दिलीप गोंडवी जब हम हिंदी ग़ज़ल की बात करते हैं तो दुष्यंत कुमार के बाद...

बंगाल में थीं कभी छत्तीसगढ़ की रियासतें …

1905 के प्रशासनिक पुनर्गठन की एक ऐतिहासिक कहानी छत्तीसगढ़ का इतिहास केवल वर्तमान भौगोलिक सीमाओं तक सीमित नहीं है। आज...

रुपहले परदे का रौशन राजकुमार – किशोर साहू

पंकज शुक्ला क्या आपको उस फ़िल्म के निर्देशक का नाम याद है, जिसमें मीना कुमारी और राज कुमार की जोड़ी...

विशेष आलेख : जीवंत हो उठा छत्तीसगढ़ के अनगिनत वीर जनजातीय पुरखों का अमर स्वाभिमान

डॉ. ओम प्रकाश डहरिया सहायक जनसंपर्क अधिकारी 15 अगस्त स्वतंत्रता दिवस का यह पावन अवसर केवल स्वतंत्रता का एक वार्षिक...

तेरे बिन भी तो गुज़रता है ज़माना मेरा…

तेरे बिन भी तो गुज़रता है ज़माना मेरा, मगर अच्छा नहीं लगता है गुज़र जाना मेरा। तूने पूछा ही नहीं...

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