April 3, 2025

साहित्य

साथी मुकेश तुम जिंदा बाघ थे !

जो जहां है है अगर मुखर व संवेदनशील मारा जाएगा एक दिन पहले ये तुम्हें प्यार से कोशिश करेंगे खरीदने...

सेक्यूलर पाजामे मे सांप्रदायिक लंगोट

▪️श्रीकांत आप्टे उस दिन बाबूलाल जी आंगन में खटिया पर लेटे हुए आराम फर्मा रहे थे। काफी थके हुए लग...

1 फरवरी जयंती : छत्तीसगढ़ी साँचा म पगे साहित्यकार टिकेन्द्रनाथ टिकरिहा

छत्तीसगढ़ी साहित्य के बढ़वार म जेकर मन के नाॅव आगू के डाँड़ म गिने जाथे, वोमा टिकेन्द्रनाथ टिकरिहा के नाॅव...

“चंदैनी-गोंदा के संस्थापक – दाऊ रामचंद्र देशमुख की पुण्यतिथि पर शत शत नमन”

(25 अक्टूबर 1916 - 13 जनवरी 1998) जब सागर की गहराई में करुणा की एक बूँद सीप में बन्द रहकर...

सारंगढ़ के चावल और हैदराबाद की बिरयानी

डॉ. परिवेश मिश्रा साल 1946 के शुरूआती तीन महिनों में सारंगढ़ राज्य के हर गांव में ढेंकियों की आवाज़ गूंज...

शिवरीनारायण मंदिर छत्तीसगढ़ एवं सवर, सवरा जनजाति(१-७-२४)

कुछ दिनों पूर्व अपने गृह ग्राम बागबहारा (छत्तीसगढ़) में था, वहाँ से लगभग ९० किलोमीटर की दूरी पर प्रसिद्ध तीर्थ...