नट सम्राट बार बार नहीं जन्मते
सन 2015 के अंतिम महीनों की बात है शायद सितम्बर या अक्टूबर रहा होगा। मैं उन दिनों भोपाल में ही...
सन 2015 के अंतिम महीनों की बात है शायद सितम्बर या अक्टूबर रहा होगा। मैं उन दिनों भोपाल में ही...
हमारे शरीर में आंखें होती हैं ठीक उसी तरह जिस तरह किसी मकान में खिड़कियां होती हैं अर्थात खिड़कियां किसी...
अपनी खिड़की के कांच में जमी धुंध पर कभी लिखा था तुमने उंगलियों से मेरा नाम वह धुंध लौट आई...
क्यूँ ही देखी भाली दुनिया है कितनी जंजाली दुनिया बेसुध सा कर के रखती है ख़ुसरो की क़व्वाली दुनिया अपना...
अंग्रेज़ी के प्रसिद्ध कवि मिल्टन के अनुसार कविता सादी, जोश से भरी और असलियत के निकट होनी चाहिए। ये तीनों...
अतीत के फफोले, मरहम तुम। अध्याय दुख के सहारा तुम। तपस्या उम्रभर की, वरदान तुम। बैचेनियाॅं इस दिल की, राहत...
वोह ९० के दशक वाला दिल जिसमें मां - बाबा का डर था पर सपनों का भी एक घर था...
अंतर्राष्ट्रीय हिंदी समिति संयुक्त राज्य अमेरिका में भारतीय साहित्य-संस्कृति और अध्ययन की एक अग्रणी संस्था है। यह संस्था पिछले चार...
पानी के झरने से " तुर-तुर " की आवाज़ पैदा होती है और इसी आवाज़ को सुनकर शब्द गढ़ लिया...
पूस मास में धरा ठिठुरती, दिखा कुहासा गहरा । धूप नहीं है कहीं दूर तक, लगा सूर्य पर पहरा। खगदल...