April 25, 2026

साहित्य

यशस्वी गीतकार कवि दादा श्री नारायण लाल परमार …

हमारे शरीर में आंखें होती हैं ठीक उसी तरह जिस तरह किसी मकान में खिड़‌कियां होती हैं अर्थात खिड़‌कियां किसी...

क्यूँ ही देखी भाली दुनिया

क्यूँ ही देखी भाली दुनिया है कितनी जंजाली दुनिया बेसुध सा कर के रखती है ख़ुसरो की क़व्वाली दुनिया अपना...

“उनके अंधकार में उजास है”

अंग्रेज़ी के प्रसिद्ध कवि मिल्टन के अनुसार कविता सादी, जोश से भरी और असलियत के निकट होनी चाहिए। ये तीनों...

हास्य और व्यंग्य के महारथी (पद्म श्री) डॉ. सुरेन्द्र दुबे

अंतर्राष्ट्रीय हिंदी समिति संयुक्त राज्य अमेरिका में भारतीय साहित्य-संस्कृति और अध्ययन की एक अग्रणी संस्था है। यह संस्था पिछले चार...