April 25, 2026

साहित्य

चम्बल की घाटी में : मुक्तिबोध

मुक्तिबोध की कविताएं गहन रूपकात्मकता में आधुनिक मनुष्य के अंतर्द्वंद्व,उसकी पीड़ा, संघर्ष को प्रकट करती हैं।उनके यहां वैचारिक अंतर्द्वंद्व अत्यधिक...

पुरस्कारों की सूचना

हिंदी साहित्य एवम व्यंग्य संस्थान रायपुर, छत्तीसगढ़ “हिंदी व्यंग्य के लिए राष्ट्रीय स्तर”के निम्न पुरस्कार हेतु अनुशंसाएँ आमंत्रित करता है...

चम्बल की घाटी में : मुक्तिबोध

मुक्तिबोध की कविताएं गहन रूपकात्मकता में आधुनिक मनुष्य के अंतर्द्वंद्व,उसकी पीड़ा, संघर्ष को प्रकट करती हैं।उनके यहां वैचारिक अंतर्द्वंद्व अत्यधिक...

असली एंकर, नमक का दारोगा-पार्ट टू

आलोक पुराणिक बहुत बड़े कहानीकार, उपन्यास लेखक प्रेमचंद की एक क्लासिक कहानी है-नमक का दारोगा, इसमें एक ईमानदार दारोगा वंशीधर...